कई पुलियों की रेेलिंग टूटने से बढ़ा खतरा
स्कूल जाने में छोटे बच्चों को होती है परेशानी
जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान, क्षेत्र के लोगों में बढ़ रही नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
कप्तानगंज। कस्बे से होकर गुजरने वाले राजवाहा पर बनीं कई पुलियों की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। नहर की सफाई होने की वजह से गहराई भी अधिक हो गई है। कस्बे से सटे होने की वजह से स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों की मुसीबत बढ़ गई और खतरे की आशंका से लोग सहमे हुए हैं।
महराजगंज से होकर आने वाली कप्तानगंज रजवाहा का पानी हाटा के बगल में मौन नाले में जाकर गिरता है। इसकी सफाई तो हर साल होती है। वर्ष 2017 में गोरखपुर मंडल के सभी जिलों के लिए 300 करोड़ का बजट मिला था, लेकिन टूटी हुई पुलिया की रेंलिग नहीं बनाई गई। कोटवा निवासी योगेंद्र सिंह, कमलेश यादव, रविंद्र गोजरा निवासी सुनील यादव, मनोहर मल्ल, मुरारी यादव, कप्तानगंज के परमजीत सिंह, पप्पू मिश्रा, सुनील सिंह, अनिल श्रीवास्तव, बौलिया निवासी मनोज गुप्ता, गौतम सिंह, संतोष सिंह, पचार निवासी विजय बहादुर सिंह, दिनेश सिंह, प्रेमशीला ने बताया कि विभाग के जरिए तो हर वर्ष सफाई का कार्य किया जाता है, लेकिन मिट्टी का ढेर सड़कों के किनारे लगा कर छोड़ दिया जाता है। पुलिया पर बनी रेलिंग वर्षों से टूटी होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। कुछ दिन पहले विभाग की तरफ से कोटवा ,तीन पोखरिया, बौलिया में रेलिंग बनवा दी गई। इन लोगों का यह आरोप भी था कि मानक की अनदेखी कर निर्माण कराए जाने की वजह से एक सप्ताह में ही रेलिंग फिर टूट गई। सिंचाई खंड दो देवरिया के अधिशाषी अभियंता एचएन ओझा ने बताया कि वर्ष 2014 से एक कंपनी के जरिए सफाई, रेंलिग की मरम्मत, नहरों से कुलावा को जोड़ने और लोहे के फाटक सहित अन्य कार्य कराए जा रहे थे। अब बचे कार्यों को अगला बजट मिलते ही कराया जाएगा।