संतकबीरनगर/सिद्धार्थनगर। संतकबीरनगर-सिद्धार्थनगर-बलरामपुर-श्रावस्ती-बहराइच जनपद जल्द ही रेलवे लाइन से जुड़ जाएंगे। इस परियोजना के लिए नीति आयोग ने 4500 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। ट्रैक बिछने के बाद इन पांचों जिले में आवागमन सुगम हो जाएगा। साथ ही, इससे खलीलाबाद रेलवे स्टेशन के जंक्शन बनने का भी रास्ता साफ हो गया है।
डुमरियागंज के सांसद जगदंबिका पाल, खलीलाबाद के सांसद शरद त्रिपाठी और विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुुुमार त्रिपाठी के साथ गुरुवार को दिल्ली में रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिले।
उन्होंने सात मार्च को दिए गए पत्र का जिक्र करते हुए बौद्ध पर्यटन स्थली कपिलवस्तु के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पूर्व में निर्वाचन क्षेत्र रहे बलरामपुर, श्रावस्ती को रेलमार्ग से जोड़ने का जिक्र किया।
इस पर रेलमंत्री ने नई रेल लाइन परियोजना के लिए नीति आयोग द्वारा 4500 करोड़ मंजूर किए जाने की जानकारी दी। सांसद ने बताया कि नई रेल लाइन बन जाने से सिद्धार्थनगर से होकर बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती तक सफर करना आसान हो जाएगा।
दरअसल, 1970 से खलीलाबाद-सिद्धार्थनगर-बलरामपुर रेलवे लाइन बिछाने की मांग चल रही है। इसको लेकर आंदोलन और धरना प्रदर्शन हुए। तीन साल पहले इस रेल लाइन को मंजूरी मिली थी।
इसके लिए 2017 में सर्वे कार्य भी पूरा हो चुका है, लेकिन बजट नहीं मिलने की वजह से 220 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने का कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा था। पिछले साल पिंकबुक (रेलवे की परियोजना पुस्तिका) में नाम भी आ गया था। इसके लिए नीति आयोग से सिफारिश की गई थी।
सांसद शरद त्रिपाठी और जगदंबिका पाल ने बताया कि कपिलवस्तु को पर्यटन केंद्र का हब बनाने की दिशा में हवाई सेवा भी संचालित करने के प्रयास किया जा रहा है। जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी हो सके। मेडिकल कॉलेज के लिए भी लगातार मुख्यमंत्री का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा।
उम्मीद है कि सिद्धार्थनगर में इन दोनों योजनाएं जल्द मूर्त रूप लेती नजर आएंगी। वहीं, संतकबीरनगर के खलीलाबाद स्टेशन के जंक्शन बन जाने से भी हजारों यात्रियों को सहूलियत होगी। नई रेलवे लाइन बिछाने में जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी, उन्हें समुचित मुआवजा भी दिया जाएगा।