जिला अस्पताल का निरीक्ष्ाण्ा स्वास्थ्य विभ्ााग की टीम।
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सिद्धार्थनगर। नीति आयोग के निर्देश पर जिले को पिछड़ेपन से उबारने के लिए कवायद शुरू हो गई है। इसके तहत प्रदेश और केंद्र की टीमें स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि क्षेत्र की जमीनी हकीकत जानने को जिले का दौरा कर रही हैं। इसी क्रम मेें शुक्रवार को लखनऊ से स्वास्थ्य विभाग के स्टेट सर्विलांस अफसर डॉ. एके पांडेय के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उधर, राज्य बालिका शिक्षा परियोजना की विशेषज्ञ सरिता सिंह के नेतृत्व में आई टीम ने बर्डपुर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
जिला अस्पताल के निरीक्षण में टीम ने ओपीडी व इमर्जेंसी सेवाओं की पड़ताल की। वहां उपलब्ध संसाधन व मिल रही सुविधाओं के बारे में मरीजों से पूछताछ की। पीआईसीयू व एसएनसीयू वार्ड का भी निरीक्षण किया। टीम ने पैथालॉजी लैब, स्टोर रूम, दवा वितरण काउंटर, एआरवी कक्ष में पहुंचकर कर्मचारियों से पूछताछ की और मशीनों, दवा व कर्मचारियों की कमी को शीघ्र दूर कराने का आश्वासन दिया। टीम ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों व सुविधाओं की रिपोर्ट शासन को दी जाएगी। टीम में डॉ. विपिन कुमार भी शामिल रहे। इस दौरान संक्रामक रोग प्रभारी डॉ. सौरभ चतुर्वेदी, एसएनसीयू के प्रभारी डॉ.एसएल पटेल, डॉ.एके झा, राजकुमार यादव आदि मौजूद रहे।
आज लखनऊ में प्रस्तुति देंगे सीडीओ
लखनऊ में शनिवार को सिद्धार्थनगर में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा होगी। केंद्र व प्रदेश सरकार के अफसरों के समक्ष सीडीओ अनिल कुमार मिश्र जिले की रिपोर्ट पेश करेंगे। वह पावर पाइंट प्रजेंटेशन के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, कौशल विकास, वित्तीय समावेश सहित अन्य बिंदुओं पर पूरा ब्योरा पेश करेंगे। इन्हीं के आधार पर जिले की मार्किंग होनी है। बता दें कि नीति आयोग ने सिद्धार्थनगर समेत सूबे के आठ जिलों को अति पिछड़े जनपद के रूप में चिह्नित किया है।