ट्रैफिक डायवर्जन और सोमवारी जाम से शहरवासी काफी परेशान हुए। दोपहर करीब बारह बजे स्कूलों में हुईं छुट्टियों के बाद छात्र-छात्राएं लगभग दो बजे अपने घरों तक पहुंच सके। जाम की वजह से काफी स्कूल बस, ऑटो और रिक्शा चालकों ने विद्यार्थियों को स्कूलों से घरों तक पहुंचाने से मना कर दिया। इसके बाद परिजन स्कूल पहुंचे और जाम से जूझते हुए छात्र-छात्राओं को लेकर घर पहुंचे। इस समस्या से आजिज राहगीरों ने नाराजगी भी जताई।
छुट्टी के बाद सोमवार को स्कूल, कॉलेज और दफ्तर खुले। ऊपर से शहरी क्षेत्र का ट्रैफिक डायवर्जन रहा। इससे गोलघर और सिविल लाइंस क्षेत्र में भीषण जाम लगा। पिलर्स स्कूल में पढ़ने वाले साढ़े तीन साल के सम्राट सिंह भारद्वाज की छुट्टी दोपहर 12 बजे हुई। ऑटो उन्हें लेने निकला, लेकिन ट्रैफिक डायवर्जन की बाधा नहीं पार कर सका। इस कारण सम्राट स्कूल में फंसे रहे। बाद में स्कूल प्रबंधन ने छात्र के पिता से संपर्क साधा और कहा कि बच्चे को लेकर जाएं। जाम लगा है। नतीजा रहा कि सम्राट भूख, प्यासे बैठे रहे और दो घंटे बाद घर पहुंच सके।
ठीक यही हाल स्कूल के अन्य छात्रों का रहा। घोष कंपनी चौराहा, आयकर भवन तिराहा और गोरखपुर यूनिवर्सिटी के सामने जबरदस्त जाम लगा। इससे छात्रसंघ चौराहा, पैडलेगंज और मोहद्दीपुर में वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ। रोडवेज बस सहित काफी वाहनों को रेंगते हुए निकलना पड़ा। जिला अस्पताल, कचहरी रोड, यूनिवर्सिटी रोड और आयकर भवन के पास भी जाम लगा। मोहद्दीपुर रोड सुबह 10 बजे से जाम रहा। स्टेशन रोड से वाहन निकालने में परेशानी हुई।
बैरिकेडिंग से भी बढ़ी मुश्किल
घोष कंपनी चौराहा, आयकर भवन और यूनिवर्सिटी के सामने बैरिकेडिंग से स्थिति और बिगड़ गई। यह व्यवस्था ट्रैफिक डायवर्जन को दुरुस्त बनाए रखने के लिए किया गया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जल्दी निकलने के चक्कर में काफी वाहन फंस गए।