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डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे जिले के सरकारी अस्पताल

Sun, 05 Nov 2017 11:14 PM IST
deoria
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डाक्टर
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देवरिया। सरकारी अस्पतालों में रोगियों को बेहतर उपचार का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है। इसकी प्रमुख वजह डॉक्टरों की कमी बताई जा रही है। हाल यह है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के कुल 246 स्वीकृत पद हैं, जबकि वर्तमान तैनाती मात्र 133 की है। इसके लिए डीएम ने शासन को पत्र भेजा है। जेई/एईएस और बाढ़ प्रभावित जिला होने के कारण सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों का पद रिक्त हैं। इसके चलते जिला अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्र के सीएचसी व पीएचसी पर आने वाले मरीजों को सही तरीके से उपचार नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या अधिक होने के चलते मरीजों को बिना इलाज भी लौटना पड़ता है। डीएम और स्वास्थ्य विभाग के बीच होने वाली बैठक में भी यह मुद्दा कई बार उठ चुका है। जिले के सीएचसी और पीएचसी पर 206 पद स्वीकृत है। लेकिन वर्तमान समय में मात्र 97 डॉक्टरों की तैनात है और 109 डॉक्टरों का पद रिक्त है। जिला अस्पताल में डॉक्टरों का स्वीकृत पद 29 हैं। वर्तमान में 22 डॉक्टरों की तैनाती है और सात की जरूरत है। वहीं महिला अस्पताल में डॉक्टरों का 11 पद स्वीकृत है। लेकिन मात्र पांच डॉक्टरों की तैनाती है और छह की जरूरत है। इसके लिए डीएम सुजीत कुमार ने जिले की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था से अवगत कराते हुए .शासन के प्रमुख सचिव प्रशांत त्रिवेदी को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि जनहित में रिक्त पदों पर चिकित्सकों की तैनाती जरूरी है। ताकि स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाया जा सके। सीएमओ डॉ. रामनिवास ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के चलते दिक्कतें हो रही है। विभाग के अलावा शासन को डीएम की ओर से पत्र भेजा गया है।जिले में जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, 16 सीएचसी, 63 न्यू पीएचसी और 15 ब्लॉक स्तरीय पीएचसी हैं। यानी 96 अस्पतालों पर मात्र 133 डॉक्टरों की तैनाती है।
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