गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज के नियोनेटल वार्ड में नवजातों की मौत के मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से अब तक हुए काम की पड़ताल करने के लिए सोमवार को डीएम राजीव रौतेला कैंपस पहुंचे।
डीएम ने प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्र और बालरोग विभाग के चिकित्सकों के साथ बैठक की। सूत्रों के मुताबिक बीआरडी के एनएनयू में करीब नौ सौ बच्चों की मौत पर डीएम ने नाराजगी जताई। प्राचार्य के जवाब से डीएम संतुष्ट नहीं दिखे। वहीं, डीएम के आने की सूचना पर सोमवार को एनएनयू में दो वार्मर लगा दिए गए। ये वार्मर एक महीने पहले खरीदे गए थे। प्राचार्य ने बताया कि नियोनेटल में क्षमता से अधिक नवजातों को भर्ती किया जाता है। इस समय एक-एक वार्मर पर चार-चार नवजात भर्ती हैं। नियोनेटल यूनिट में वार्मर की मरम्मत के लिए रकम की दरकार है। प्राचार्य ने डीएम को बताया कि नवजातों के इलाज के लिए यूनिसेफ से 25 लाख रुपये मिले। इससे 33 नए वार्मर खरीदने का ऑर्डर दिया जा चुका है। जीएसटी के फेर में फर्म सप्लाई नहीं कर रही है। इस पर डीएम ने वाणिज्य कर के सहायक आयुक्त से बात कर दिक्कतों को दूर करने को कहा। इंसेफेलाइटिस वार्ड में जरूरतों की भी समीक्षा की। डीएम ने कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन और एनएचएम संविदा कर्मचारियों के बकाया वेतन पर भी चर्चा की। ऑक्सीजन आपूर्ति विवाद में प्राचार्य ने बजट की कमी बताई। उधर, सीएमओ ने बताया कि कर्मचारियों के वेतन की रकम खाते में आ गई है। जल्द ही उसे प्राचार्य के खाते में भेज दिया जाएगा।