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घोघी नदी के उफान से राजपुर दौलतपुर तटबंध तीन मीटर टूटा

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बृजमनगंज। बृजमनगंज क्षेत्र से होकर बहने वाली घोघी नदी के उफान से राजपुर-दौलतपुर तटबंध करीब तीन मीटर टूट गया है। घोघी का पानी तेजी से गांव की तरफ बढ़ रहा है। 100 एकड़ से अधिक धान की रोपाई जलमग्न हो चुकी है। एसडीएम फरेंदा ने मौके का जायजा लेकर अधिकारियों को स्थितियों से अवगत कराया।
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घोघी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। इसके दबाव से बीती रात राजपुर दौलतपुर तटबंध करीब तीन मीटर टूट गया। पानी का बहाव तेजी से गांव की तरफ हो रहा है। तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी तबाही मचानी शुरू कर दी है। राजपुर-दौलतपुर, सहजनवा, धरैची, धरैचा, पृथ्वीपालगढ़, गुजरौलिया, रसोयवा, खड़खोड़ी, सेमरहनी, सोनाबंदी सहित दर्जनभर गांवों की करीब एक हजार हेक्टेयर से ऊपर फसल जलमग्न हो चुकी है। तटीय गांव के लोगों में भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने टूटे तटबंध को भरने का काफी प्रयास किया लेकिन, भरा नहीं जा सका। कटान बढ़ता ही जा रहा है। इसकी सूचना पाते ही बुद्धवार की दोपहर में एस डी एम फरेन्दा राधेश्याम सिंह ने कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच कर जायजा लिए।
एडीएम और पूर्व विधायक ने टूटे बांध का जायजा लिया
लेहड़ा बाजार। बृजमनगंज क्षेत्र में घोंघी नदी राजपुर दौलतपुर टूटे हुए बांध का निरीक्षण करने दोपहर बाद एडीएम आरपी कश्यप पहुंचे। उनके साथ साथ पूर्व विधायक विनोद मणि तिवारी समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। एडीएम आरपी कश्यप ने कटे हुए बांध का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य तेज करने का निर्देश संबधित अधिकारियों को दिया। ग्राम प्रधान मदन गोपाल यादव और चंदू सिंह ने बताया की पिछले वर्ष इसी स्थान पर कटान हुआ था। उस समय सीडीओ और बीडीओ ने बांध लोगों से बंधवाया था और कहा कि इसकी मजदूरी मनरेगा से कर दी जाएगी। लेकिन अभी तक मजदूरी नहीं मिली। यही नहीं बांध की मरम्मत भी नहीं हुई। पूर्व विधायक ने कहा की अगर तत्काल टूटा हुआ बांध नहीं बना तो आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर बीडीओ कृष्ण देव शुक्ल, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि हरिश्चंद्र सोनकर, गुलाब, दिलीप गुप्ता, जेई राजेश कुमार पांडेय आदि मौजूद रहेे।
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महाव के कटान स्थल को भरने में जुटे मजदूर
बरगदवां। महाव नाले का जलस्तर कम होते ही छितवनिया और हरखपुरा गांव के पास कटान को भरने के लिए मजदूरों ने बुधवार को काम शुरू कर दिया। कटान स्थल के समीप सीमेंट की खाली बोरियों में मिट्टी भरी जा रही है। हालांकि कटान स्थल के रास्ते नाले का पानी अब छितवनिया व हरखपुरा गांव के सिवान से होते हुए छितवनिया, कोहरगड्डी, दोगहरा, पिपरहिया, बिशुनपुरवा आदि दर्जनों गांवों में पहुंच गया है। बाढ़ पीड़ित किसानों का कहना है कि कटान स्थल को भरने में ठेकेदार ने भारी लापरवाही बरती है। यदि दोबारा महाव में बाढ़ आई तो रिहायशी बस्तियों पर बाढ़ का खतरा और बढ़ जाएगा। लोगों ने तहसील प्रशासन पर बाढ़ बचाव के काम में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बाढ़ पीड़ित परिवारों की दिनचर्या पटरी से उतर गई है। फिर भी प्रशासन चुप्पी साधे है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी नौतनवां विक्रम सिंह का कहना है कि बाढ़ से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए हल्का लेखपालों को क्षेत्र में भेजा गया है।
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