गोरखपुर।
बिजली की जबरदस्त कटौती ने शुक्रवार को सीएम सिटी की जनता का सुख-चैन छीन लिया। भीषण गर्मी के बीच एसी, कूलर, पंखे खामोश रहे और जनता उबल गई। आठ से दस घंटे की कटौती ने बिजली अफसरों के नकारेपन की पोल खोल दी। बता दिया कि बिजली विभाग छोटा फॉल्ट भी ठीक कर पाने के भी काबिल नहीं। अफसरों ने इस कटौती के लिए ट्रांसमिशन की दिक्कत बताई है लेकिन वास्तविकता यह है कि ओवरलोडिंग के चक्कर में कटौती जानबूझकर की गई है। अफसरों की मक्कारी जनता भी जान रही है। कह रही है कि अफसर मिलकर योगी सरकार को फेल करना चाहते हैं।
तेज धूप और उमस के बीच बिजली कटौती ने जीना मुहाल कर दिया। सब पसीने से तरबतर रहे। बिजली कटौती की वजह से व्यापार भी प्रभावित हुआ। तमाम दुकानों से पब्लिक नदारद दिखी। दुकानदार पंखा हांकते नजर आए। अस्पताल, नर्सिंग होम में मरीज, तीमारदारों का बुरा हाल रहा। जबरदस्त कटौती से बड़े-बड़े जनरेटर हांफते नजर आए। बैंक रोड स्थित एक नर्सिंग होम के मालिक ने कहा कि जनरेटर में सात हजार रुपये का डीजल खप गया। योगी सरकार बनने के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा बिजली संकट है। वीवीआईपी माने जाने वाले सिविल लाइंस, सहारा इस्टेट, बेतियाहाता, सिद्धार्थ इंक्लेव, तारा मंडल, रुस्तमपुर, बरगदवां, आवास विकास कालोनी कूड़ाघाट झारखंडी महादेव और मोहद्दीपुर में भी भारी कटौती की गई है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी, मोहद्दीपुर, सहारा इस्टेट, तारामंडल, टाउनहाल, इंजीनियरिंग कॉलेज और खोराबार उपकेंद्रों से जुड़े अन्य इलाकों के लोग भी पूरे दिन गर्मी से बिलबिलाने को मजबूर थे।
फॉल्ट ने भी बढ़ाई मुसीबत
लोकल फॉल्ट ने बिजली संकट के बीच कोढ़ में खाज सा असर डाला। कई उपकेंद्रों पर सप्लाई चालू होने के दौरान ओवरलोड के चलते फीडर बंद करने पड़े। जीडीए पश्चिमी फीडर रात में ओवरलोड के चलते कई बार ट्रिप हुआ तो दिन में भी राहत नहीं मिल सकी। यूनिवर्सिटी उपकेंद्र का टेलीफोन फीडर रात 12:55 से 3:10 तक बंद रहा। 3:45 पर भी इस फीडर को ओवरलोड के चलते बंद करना पड़ा। शाम 4:55 पर ओवरलोड के चलते टेलीफोन फीडर के साथ ही ओल्ड पॉवर हाउस, सिनेमा रोड, विजय, पार्क रोड फीडर भी खोल दिए गए। इनकी सप्लाई 5:15 पर चालू हुई। लेकिन पांच मिनट बाद ट्रांसमिशन स्टेशन से फिर उपकेंद्र की बत्ती गुल हो गई। नौसढ़ उपकेंद्र के रामजानकी फीडर में एक जंफर में खराबी के चलते लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ी। रुस्तमपुर का राजीवनगर फीडर शुक्रवार सुबह 10:40 से 11:45 तक ब्रेकडाउन में रहा। आजाद नगर फीडर लोकल फॉल्ट के चलते 12:05 से 12:10 तक बंद रहा।
ट्रांसफार्मर का प्ले लेंथ धंसा, बत्ती गुल
नार्मल उपकेंद्र का जगन्नाथपुर फीडर सुबह 10:40 से दोपहर 12:05 तक बंद रहा। इसकी वजह बना खुर्रमपुर में ट्रांसफार्मर का प्ले लेंथ। प्ले लेंथ धंसने के चलते फीडर की बत्ती काट दी गई थी। यहां मोबाइल ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली चालू की गई।
यूं हुई ट्रिपिंग
यूनिवर्सिटी, मोहद्दीपुर, सहारा इस्टेट, तारामंडल, टाउनहाल, इंजीनियरिंग कॉलेज और खोराबार उपकेंद्र में ट्रिपिंग की समस्या रही। सुबह 9:25 से 10, 12:05 से 12:40, 2:30 से 2:50, 3:20 से 3:40 और 5:10 से 5:20 पर बिजली काटी गई। इसके लिए कभी फॉल्ट को कारण बताया गया तो कभी ओवरलोड के चलते कटौती की बात कही गई।
गोरखनाथ इंडस्ट्रियल एरिया में भी संकट
बिजली कटौती का दंश उद्यमियों ने भी झेला है। गोरखनाथ इंडस्ट्रियल एरिया में भी पांच से छह घंटे की कटौती हुई है। इसका सीधा असर फैक्ट्रियों के प्रोडक्शन पर पड़ा है। उद्यमी भी निराश हैं। उद्यमियों का कहना है कि 24 घंटे बिजली देने के दावे और कोशिशों के बीच इस तरह की कटौती से भरोसा डगमगा गया है। बिजली विभाग के अफसर कटौती को बेहतर मानते हैं।