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जिला अस्पताल में दो एसआईसी

Sat, 17 Jun 2017 08:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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जिला अस्पताल - फोटो : Amar Ujala
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जिला अस्पताल में शनिवार को अजीबोगरीब स्थिति खड़ी हो गई। एक साथ दो एसआईसी अलग-अलग कमरों में काम कर रहे थे। पूरे दिन यह हाईप्रोफाइल ड्रामा जारी रहा। मामला डीएम की जानकारी में पहुंचा है। हालांकि, अब भी जिला अस्पताल के दोनों एसआईसी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।
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हाल ही में स्थानांतरित हुए डॉ. एचआर यादव ने हाईकोर्ट के स्थगनादेश का हवाला देकर एसआईसी कक्ष में बैठकर काम किया और अस्पताल का निरीक्षण किया तो वहीं तीन तारीख को ही महानिदेशक के आदेश पर ज्वाइन कर चुके डॉ. दिनेश कुमार सोनकर ने दूसरे कक्ष में बैठकर ड्यूटी की। डॉ. सोनकर ने डीएम राजीव रौतेला को मामले की जानकारी दी। वहीं डॉ. एचआर यादव ने सुबह ही अस्पताल पहुंचकर एसआईसी का पदभार संभाल लिया। शाम को उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण भी किया।

डॉ. एचआर यादव ने कहा कि अस्पताल से दलालों को बाहर करने और मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए हर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने निरीक्षण में पाया कि बाल रोग विभाग में पिछले 15 दिनों में मात्र एक एईएस का मरीज भर्ती हुआ। उन्होंने बाल रोग विभाग के एक चिकित्सक को एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाने पर भी संदेह जताया।
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ये है घटनाक्रम
डॉ. एचआर यादव ने 30 सितंबर 2014 को एसआईसी का पदभार संभाला था। एक जून 2017 को उनका परिवार कल्याण निदेशालय लखनऊ में तबादला हो गया, लेकिन वह छुट्टी पर चले गए। तीन जून को एडी हेल्थ ने डॉ. डीके सोनकर को अस्पताल का एसआईसी नियुक्त कर दिया। इसी बीच हाईकोर्ट के स्थगन आदेश पर 15 दिन के भीतर पुन: डॉ. एचआर यादव ने शनिवार को एसआईसी के रूप में ज्वाइन कर लिया।

बाबू और कर्मचारी कनफ्यूज
जिला अस्पताल में हुए हाईप्रोफाइल ड्रामे से कर्मचारी और बाबू कनफ्यूज हो गए हैं। ऐसे में कर्मचारी काफी पशोपेश में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि किसका आदेश एसआईसी के तौर पर माने। फाइलों पर किससे हस्ताक्षर कराएं।

सिपाही ने उखाड़ी नेम प्लेट
नवागत एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर की नेम प्लेट शनिवार सुबह उखाड़ दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नगर निगम चौकी पर तैनात एक सिपाही ने नेम प्लेट उखाड़ी। वहीं भीतर विभिन्न एसआईसी के कार्यकाल को बताने वाले बोर्ड पर डॉ. सोनकर का नाम देखकर भी डॉ. एचआर यादव ने पूछताछ की।

चिकित्सा अवकाश पर था। स्वस्थ होकर लौटा और फिर अपना काम संभाल लिया। अवकाश के दौरान ही स्थानांतरण आदेश जारी हुआ था। इस पर कोर्ट से स्थगन आदेश लेकर आया हूं। एसआईसी के तौर पर जिला अस्पताल की व्यवस्था सुदृढ़ करना ही लक्ष्य है।
- डॉ. एचआर यादव

डीएम को मामले की जानकारी दी है। डीएम के निर्देश पर जिला अस्पताल के एसआईसी की जिम्मेदारी संभाल रहा हूं। सुबह ही डॉ. एचआर यादव एक सिपाही और कुछ बाहरी लोगों के साथ कार्यालय में आकर बैठ गए थे। इसके चलते दूसरे कक्ष में बैठकर काम निपटाया।
- डॉ. दिनेश कुमार सोनकर

पहले भी हुआ था ट्रांसफर, ऐसे ही लौटे थे डॉ. यादव
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एचआर यादव का स्थानांतरण पहले भी एक बार हुआ था। तब भी डॉ. यादव मेडिकल लीव पर चले गए थे और बाद में इसी तरह लौटे थे। एडी की ओर से स्थानांतरित होने के बाद डॉ. एचआर यादव शासन स्तर से अपना तबादला रुकवाने में कामयाब रहे थे। इस बार भी स्थानांतरण होने पर वह छुट्टी पर चले गए और लोग उनके लौटने के कयास लगा रहे थे। शनिवार को जब वह कोर्ट का स्थगनादेश लेकर अस्पताल पहुंचे तो लोगों को करीब डेढ़ साल पुराना वाकया याद आ गया।
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