मुद्दा में ले सकते हैं
बरहज स्टेशन की फोटो है
लालू की लालटेन जली न रुद्रपुर तक ट्रेन चली
चुनावी घोषणा बनकर रह गया बरहज रेलवे स्टेशन का विकास
सच्चिदानंद पांडेय
बरहज (देवरिया)। ऐतिहासिक और व्यावसायिक पहचान वाले बरहज इलाके में इस चुनावी मौसम में रुद्रपुर तक रेल लाइन के विस्तार का मुद्दा गर्म होने लगा है। वर्ष 2007 के विधानसभा चुनावों में तो ‘लालू की लालटेन चलेगी, रुद्रपुर तक रेल चलेगी’ के नारों के साथ यह मुद्दा ऐसे उछला, मानो इसका फौरन समाधान हो जाएगा, लेकिन 12 वर्ष बाद भी स्थिति जस की तस है। न तो लालटेन जल सकी और न ही ट्रेन आगे बढ़ सकी। कुछ कोशिशें जरूर हुईं, मगर परवान नहीं चढ़ सकीं। स्टेशन की इमारतें भी जर्जर हो गई हैं।
बरहज के व्यावसायिक महत्व को देखते हुए हुए ब्रिटिश काल के दौरान 1896 में यहां रेल लाइन बिछाई गई थी। तब रेल सेवा का मकसद नदी व्यापार के जरिये आने वाले माल को अन्य क्षेत्रों में ले जाना था पर आजादी के बाद सड़क मार्ग के विस्तार से नदी के रास्ते व्यापार सिमटा तो पांच बोगियों की बरहजिया ट्रेन सवारी लेकर दौड़ने लगी। अपने आप में यह अनूठी ट्रेन आज भी भटनी से बरहज के बीच संचालित है। सैकड़ों गांवों के लिए यह ट्रेन ही लाइफ लाइन है। इसकी महत्ता को देखते हुए ही रेलवे ने इसे बंद करने के प्रस्ताव को तगड़े विरोध के कारण वापस ले लिया था। इसके बाद इस रेललाइन के उद्धार की कवायद शुरू हुई। 1990 के दशक में तत्कालीन रेलमंत्री जनेश्वर मिश्र ने इसे बड़ी लाइन में परिवर्तित कराया। रेललाइन को रुद्रपुर के रास्ते गौरीबाजार से गोरखपुर तक जोड़ने का प्रस्ताव बना। फिलहाल भटनी से सलेमपुर से बरहज तक जाने वाली इस रेललाइन को रुद्रपुर तक बढ़ाने की मांग अरसे से हो रही है।
वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में राजद प्रत्याशी स्व. मुक्तिनाथ यादव के मैदान में उतरने के बाद यह नारा जोरों पर दिया गया कि ‘लालू की लालटेन जलेगी-रुद्रपुर तक ट्रेन चलेगी’। तब तत्कालीन रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपनी सभा में भी इसका जिक्र किया। इस चुनाव में राजद प्रत्याशी की भले ही हार हो गई, लेकिन इस मुद्दे ने जोर पकड़ लिया। इसके बाद से हर चुनाव में बरहज रेललाइन के विस्तार का मुद्दा जोर-शोर से उठता है। नेता वादा करते हैं, मगर चुनाव के बाद इसे ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। इस बार के चुनाव में क्षेत्रीय लोग ठोस पहल की आस में वोट करने का मन बना रहे हैं।
इनसेट
13-14 में हुआ था जनांदोलन
बरहज से रुद्रपुर तक रेल लाइन विस्तार को लेकर वर्ष 2013-14 में जनांदोलन हुआ था। काफी दिनों तक लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया। नगर के अमरेंद्र गुप्त, चिंतामणि साहनी, जितेंद्र भारत, प्रहलाद यादव, परमेश्वर दास आदि का कहना है कि रेल लाइन का विस्तार हो जाए तो न सिर्फ आवागमन की व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि रेलवे की आमदनी के साथ व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।