सरदारनगर (गोरखपुर)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शहीद बाबू बंधु सिंह अंग्रेजों के लिए दहशत का पर्याय थे। उन्होंने गुलामी नहीं स्वीकार की और हंसते-हंसते फांसी पर झूल गए। ऐसे वीर सपूतों की शौर्य गाथा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को विकास खंड के करमहा गांव में अमर शहीद बंधु सिंह की प्रतिमा और उनके नाम पर बने डिग्री कॉलेज का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद की अनूठी संघर्ष शैली की वजह अंग्रेज हिल गए थे। 1857 में शहीद बंधु ने आजादी की जो मशाल जलाई थी, वह पूरे देश में फैली। आजादी की लड़ाई में गोरखपुर का नाम विश्व पटल पर छा गया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद कमलेश पासवान और गोरखपुर विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रो. डीके सिंह ने कहा कि शहीद के नाम पर खुले कॉलेज में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को मौका मिलेगा। पहला ध्यान गुणवत्तापरक शिक्षा पर होना चाहिए।
इस मौके पर महापौर सीताराम जायसवाल, राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष अंजू चैधरी, जनार्दन तिवारी, विद्यालय प्रबंधक अजय सिंह टप्पू, भाजपा के प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह, संरक्षिका शांति देवी, नीलम सिंह और पूर्व विधायक बृजेश सिंह मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने किया सरदार पटेल की स्वचालित प्रतिमा का लोकार्पण
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोलघर काली मंदिर चौराहे पर नव स्थापित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश की पहली ऐसी प्रतिमा है, जो स्वचलित है। प्रतिमा 24 घंटे घूमती रहेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने काली मंदिर में जाकर पूजा कर देवरिया के लिए रवाना हो गए। इस मौके पर मेयर सीताराम जायसवाल, विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल, पार्षद अजय राय और मनु जायसवाल मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने लगाया जनता दरबार
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दरबार लगाया। करीब 200 फरियादियों से मिले और मामले में सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-पाठ किया। गोसेवा करके मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। लाइट एंड साउंड सिस्टम से संबंधित जानकारी ली।