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अब गरीबी से जान नहीं गंवाएंगे गुर्दा रोगी
सीएम ने जिला अस्पताल में किया डायलिसिस यूनिट का उद्घाटन, पीपीपी मोड पर काम करेगी यूनिट
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गुर्दे की बीमारी से पीड़ित गरीब अब बिना इलाज जान नहीं गंवाएंगे। जिला अस्पताल में गुर्दा रोगियों के लिए नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार की सुबह जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर संचालित होने जा रही 10 बेड वाली डायलिसिस यूनिट का लोकार्पण किया। इसमें 60 गुर्दा रोगियों का पंजीकरण करके हफ्ते तीन बार उनकी डायलिसिस की जाएगी। इस यूनिट के संचालन का जिम्मा वाराणसी के हेरिटेज हॉस्पिटल को मिला है। जिला अस्पताल में इस यूनिट के शुरू होेने से उन मरीजों को बड़ी राहत मिली है जो गरीबी के चलते गुर्दे की बीमारी का इलाज नहीं करा पाते थे।
12 घंटे में होगी 30 मरीजों की डायलिसिस
यहां प्रतिदिन 12 घंटे की वर्किंग में 30 मरीजों का इलाज होगा। दूसरे दिन अन्य 30 मरीजों की डायलिसिस होगी। तीसरे दिन पुन: पहले दिन वाले मरीजों की डायलिसिस की जाएगी। इसी तरह 30-30 मरीजों की सोमवार-बुधवार-शुक्रवार और मंगलवार-गुरुवार-शनिवार को तय समय पर डायलिसिस की जाएगी।
प्राइवेट अस्पताल में तीन से छह हजार का खर्च
जिला अस्पताल में मुफ्त डायलिसिस की सुविधा गरीब मरीजों के लिए बड़ी राहत होगी। गुर्दा रोगियों को इस इलाज के लिए निजी अस्पतालों में तीन से छह हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। अब तक गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मुहैया थी, लेकिन वहां मरीजों का लोड ज्यादा था।
40 मरीजों का हुआ पंजीकरण
हेरिटेज हॉस्पिटल की ओर से गुर्दा रोगियों के पंजीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि अब तक 40 मरीजों का पंजीकरण किया जा चुका है। 60 मरीजों का पंजीकरण होगा। इनमें से किसी की जगह खाली होने के बाद नए मरीजों का पंजीकरण किया जाएगा।
गुर्दा ट्रांसप्लांट के बाद ही मिलती है राहत
गुर्दा रोगियों के जीवन के लिए डायलिसिस बहुत जरूरी है। एक बार डायलिसिस होने के बाद हर तीसरे दिन इसकी जरूरत पड़ती है। गुर्दा रोगी को डायलिसिस से छुट्टी तभी मिलती है जब उसे कोई स्वस्थ गुर्दा प्रत्यारोपित कर दिया जाए।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस
वाराणसी के हेरिटेज हॉस्पिटल की तरफ से जिला अस्पताल मे ंपीपीपी मोड पर स्थापित डायलिसिय यूनिट में चिकित्सक से विडियों कांफ्रेंसिंग, विश्वस्तरीय आरओ प्लांट से लैस है। यह पूरी तरह से वातानुकूलित है। इसका भी पूरा ख्याल रखा गया है कि किडनी के मरीजों को किसी तरह का संक्रमण न हो। अस्पताल प्रशासन ने हेल्प लाइन नंबर 8127508787 जारी किया है। इस पर इस सुविधा की जानकारी ली जा सकती है।
10 लोगों का स्टाफ संभालेगा काम
इस यूनिट में एक इंचार्ज समेत 10 का स्टाफ काम करेगा जो पूरी तरह ट्रेंड हैं। लोकार्पण अवसर पर एडी हेल्थ डॉ. पुष्कर आनंद, सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी, जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. आरके गुप्ता, जिला महिला एसआईसी डॉ. डीके सोनकर, डॉ. बीके सुमन आदि मौजूद रहे।
मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 12 मरीजों की डायलिसिस
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बीपीएल कार्ड धारक की नि:शुल्क डायलिसिस होती है। सामान्य मरीजों से 399 रुपये फीस जमा कराई जाती है। मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में चार मशीनें हैं। प्रतिदिन 12 मरीजों की डायलिसिस की जाती है।
कुछ दवाओं के लिए भेजा जाएगा शासन को प्रस्ताव
जिला अस्पताल के डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण करने के दौरान नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल को मरीजों ने बताया था कि इलाज में लगने वाली करीब 5000 रुपये की दवा हर माह खरीदनी पड़ेगी। इस पर नगर विधायक ने यूनिट के संचालक और सीएमओ से बात की। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि करार के मुताबिक डायलिसिस मुफ्त है। मरीज जिन चिकित्सकों से इलाज कराते हैं वे डायलिसिस के अलावा कुछ दवाएं भी लिख देते हैं। नगर विधायक ने इन दवाओं की मुफ्त व्यवस्था करने की मांग की है। इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।