एक लाख परिवारों में अब भी शौचालय नहीं
वर्ष 2012 में हुए बेस लाइन सर्वे में वंचित परिवारों की संख्या 2.34 लाख थी
वंचित परिवारों का शुरू हुआ सत्यापन, आधारकार्ड के साथ मोबाइल नंबर भी लिए जा रहे हैं
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिले को संपूर्ण रूप से ओडीएफ बनाने के लिए अभी कम से कम एक लाख घरों में शौचालय बनवाने होंगे। सात से 14 अक्तूबर तक चले विशेष अभियान के दौरान शौचालय विहीन एक लाख परिवार चिह्नित किए गए हैं। हालांकि अभी इन परिवारों का नए सिरे से सत्यापन शुरू कराया गया है। इसके लिए प्रत्येक परिवार का आधारकार्ड के साथ मोबाइल नंबर भी एकत्र किया जा रहा है।
जिले में वर्ष 2012 में शौचालय निर्माण की वास्तविकता जानने के लिए बेस लाइन सर्वे का कार्य कराया गया था। उस वक्त कुल तीन लाख 33 हजार परिवारों में से 99 हजार परिवारों में शौचालय थे। शेष दो लाख 34 हजार परिवारों में शौचालय का निर्माण कराया जाना था। सरकार की तरफ से दो अक्तूबर तक निर्माण कार्य पूर्ण कराने के साथ ही पूरे जिले को ओडीएफ घोषित करने की हिदायत दी गई थी। परंतु सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में ही सरकार ने अपना निर्णय बदलते हुए उन घरों में शौचालय की स्थिति की जांच कराने का अभियान शुरू किया जो बेस लाइन सर्वे में किसी कारणवश शामिल नहीं हो पाए। इसके लिए सात से 14 अक्तूबर तक गांव-गांव कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। एक रसोई-एक परिवार के आधार पर कराए गए सर्वे की जो रिपोर्ट डीपीआरओ कार्यालय को मिली है वह चौंकाने वाली है। दरअसल, इतनी जागरूकता व लगातार निर्माण कार्य कराए जाने के बाद भी जिले में करीब एक लाख परिवार ऐसे हैं जिनके घर में अब भी शौचालय नहीं बन सके हैं। इन नए चिह्नित परिवारों के घर में भी शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक कराकर इनके नाम का प्रस्ताव ब्लॉक के जरिए पंचायतीराज कार्यालय को भेजा जाना है। यहां से बजट के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा।
डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी का कहना है कि नए चिह्नित लाभार्थियों के नाम के प्रस्ताव से पहले शासन ने इन सभी का आधारकार्ड व मोबाइल नंबर भी एकत्र करने का निर्देश दिया है। इनका डॉटा कंप्यूटराइज्ड करते वक्त साथ में आधारकार्ड व मोबाइल नंबर भी फीड किए जाएंगे। इससे चिह्नित लाभार्थियों के सत्यापन में सुविधा होगी। यह कार्य शुरू करा दिया गया है। इसी सप्ताह इस कार्य को पूरा करा लिया जाएगा। सर्वे के आधार पर ग्राम पंचायतों से मिले प्रस्ताव को संकलित करने के बाद इनमें से पांच प्रतिशत लाभार्थियों की जांच के लिए बीडीओ के स्तर से टीम गठित होगी। यह टीम अपनी जांच रिपोर्ट बीडीओ को ही सौंपेगी। रिपोर्ट संतोषजनक होने पर बीडीओ ब्लॉक क्षेत्र के कुल चिह्नित लाभार्थियों के घर में शौचालय निर्माण से संबंधित प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजेंगे। सभी ब्लॉकों से मिली संख्या को एकत्र कर फिर इनमें से भी एक प्रतिशत लाभार्थियों की रेंडम जांच जिलाधिकारी के स्तर से नामित अफसर करेंगे। संतुष्ट होने पर ही प्रस्ताव शासन को भेजे जाएंगे। जिलाधिकारी भूपेंद्र एस चौधरी का कहना है कि वंचित परिवारों के सर्वे का काम पूरा होने के बाद सभी ग्राम पंचायतों से मिले प्रस्ताव के आधार पर लाभार्थियों के घरों में शौचालय निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाना है। इस कार्य में लगे कर्मचारियों ने कार्य में लापरवाही की तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्य की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है।