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चुनाव प्रचार तेज, प्रशासन भी हुआ सक्रिय

Sat, 24 Feb 2018 08:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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बैठक करते डीएम। - फोटो : Amar Ujala
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सदर संसदीय सीट के उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही सभी राजनीतिक पार्टियों ने प्रचार-प्रसार में अपनी पूरी ताकत लगा दी है। वहीं जिला प्रशासन भी सक्रि य हो गया है। वीडियो टीम, स्टेटिक सर्विलांस टीम और सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट को निगरानी तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। आचार संहिता के उल्लंघन में अब जहां तीन लोगों को नोटिस दिया जा चुका है। हिसाब न देने पर सात लाख रुपये भी जब्त किए जा चुके हैं।
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उधर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि सभी प्रत्याशी को अपने व्यय रजिस्टर पर हर खर्च का ब्योरा देना होगा। इसकी निगरानी आयोग की तरफ से तैनात व्यय प्रेक्षक खुद कर रहे हैं। 28 फरवरी, पांच मार्च और नौ मार्च को प्रेक्षक जिला परिषद सभागार में सभी प्रत्याशियों के खर्चों के ब्योरों की जांच भी करेंगे।

उन्होंने बताया कि जुलूस, रैली और सभाओं तथा प्रचार कार्यक्रमों के लिए अनुमति जरूरी है। बिना अनुमति के अगर कहीं कोई कार्यक्रम होता पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी चुनाव प्रचार कार्यक्रमों की वीडियो रिकार्डिंग भी कराई जा रही है। मतदान से दो दिन पूर्व यानी नौ मार्च की शाम पांच बजे चुनाव प्रचार बंद हो जाएगा। इसके बाद प्रत्याशी या उनके समर्थक पैदल चलकर ही मतदाताओं से जनसंपर्क कर सकेंगे। बैठक में प्रेक्षक डॉ माधवी खोड़े चावरे, डॉ सुबोध कुमार, मंजुनाथ एवं अशोक देवांगन समेत प्रशासन और पुलिस महकमे के कई अफसर मौजूद रहे।
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सीपीएमएफ करेगी स्ट्रांग रूम की निगरानी
मतदान के बाद सभी 2141 बूथों के ईवीएम और वीवीपैट गोरखपुर यूनिवर्सिटी में बने स्ट्रांग रूम में रखे जाएंगे। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ईवीएम को रखा और उन्हें सील किया जाएगा। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की जिम्मेदारी सेंट्रल पैरा मिलिट्री फोर्स के हवाले रहेगी। इसकी निगरानी सीसी टीवी कैमरे से भी होगी। बिना राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी के स्ट्रांग रूम नहीं खोला जाएगा।

छपने के लिए भेजे गए बैलेट पेपर
जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला ने बताया कि बैलेट पेपर छापने के लिए भेज दिए गए हैं। तीन-चार दिन में ये छपकर आ जाएंगे। इसके बाद ईवीएम में इनकी सेटिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस बार सभी बूथों पर ईवीएम के साथ वीवीपैट भी लगाया जाएगा। कोई भी मतदाता वीवीपैट के जरिए इस बात की तस्दीक कर सकेगा कि उसने जिस प्रत्याशी को मत दिया है, वह उसे ही पड़ा है, या नहीं। ईवीएम पर पसंद के प्रत्याशी के नाम के सामने वाला बटन दबाते ही वीवीपैट की स्क्रीन पर सात सेकेंड के लिए एक पर्ची दिखाई देगी, जिस पर प्रत्याशी का नाम, उसका क्रमांक और प्रतीक चिह्न आदि छपा रहेगा। सात सेकेंड के बाद पर्ची कटकर वीवीपैट से जुड़े बाक्स में गिर जाएगी।

सर्विस वोटरों को भेजे गए बैलेट पेपर
सदर संसदीय क्षेत्र के तहत आने वाली पांच विधानसभाएं कैंपियरगंज, पिपराइच, गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण और सहजनवां में 2913 सर्विस वोटर हैं। सभी को इलेक्ट्रानिक बैलेट पेपर भेज दिए गए हैं। पहली बार विशेष साफ्टवेयर की मदद से सर्विस वोटरों को इलेक्ट्रानिक बैलेट पेपर भेजे गए हैं। इसके पहले डाक के ही माध्यम से ये बैलेट पेपर भेजे जाते थे, जिससे प्राय: सर्विस वोटरों को समय से ये नहीं मिलते थे। इससे उनका मतदान प्रतिशत कम ही रहता था। गुजरात और हिमाचल में इस प्रयोग के बाद सर्विस वोटरों के मतदान प्रतिशत में बढ़ोत्तरी को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने यूपी में भी गोरखपुर और फूलपुर के संसदीय उप चुनाव से इसकी शुरूआत की है।

सदर संसदीय क्षेत्र के 18 बूथ बदले
गोरखपुर। सदर संसदीय क्षेत्र के 18 बूथ बदले हैं। ये सभी बूथ उन्हीं संबंधित इलाके में ही हैं, बस उनका थोड़ा सा स्थान बदला है। इनमें कैंपियरगंज के तीन, गोरखपुर शहर के छह तथा गोरखपुर ग्रामीण के नौ बूथ शामिल हैं।  

निजी कंपनियों के पहचानपत्र दिखाकर भी दे सकेंगे वोट 
उपचुनाव में फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र के लिए निर्वाचन आयोग ने विकल्प दे दिया है। जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में हैं, वे वैकल्पिक पहचान पत्र के सहारे भी मतदान कर सकते हैं। निजी कंपनियों की तरफ से जारी फोटोयुक्त पहचानपत्र भी वोट डालने के लिए मान्य होंगे। 
उपचुनाव के लिए 11 मार्च को वोट डाले जाएंगे। सदर संसदीय सीट के पांच विधानसभा क्षेत्रों में 19 लाख 49 हजार से ज्यादा वोटर हैं। इन सबको मतदाता पर्ची भेजी गई है। फोटोयुक्त पहचान पत्र भी बने हैं। इसके बावजूद निर्वाचन आयोग ने पहचान पत्र का विकल्प दिया है। जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला ने बताया कि मतदाता सूची में नाम सहित अन्य छोटी त्रुटियों पर भी वोटिंग का मौका दिया जाएगा। जिन मतदाताओं की तस्वीरें नहीं मिलेंगी, उन्हें दूसरा पहचानपत्र लाना पड़ेगा। जिस सेक्टर या बूथ के वोटर लिस्ट में नाम होगा, वहीं वोट डालने का मौका मिलेगा।  

ये है पहचान पत्र का विकल्प 
पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैनकार्ड, बैंक और डाक विभाग का फोटोयुक्त पासबुक, मनरेगा का जॉब कार्ड, श्रम विभाग का बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, राशन कार्ड, सांसद, विधायक और एमएलसी की तरफ से जारी सरकारी पहचान पत्र, प्रमाणित पहचान पत्र, राज्य और केंद्र सरकार के साथ सार्वजनिक उपक्रम की तरफ से जारी फोटोयुक्त पहचान पत्र आदि। 
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