खिचड़ी मेले में लगी दुकानों पर पहुंच रहे खरीदार।
- फोटो : Amar Ujala
गोरखनाथ मेले में खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की मदद के लिए पर्यटन पुलिस भी मुस्तैद रहेगी। अंग्रेजी जानने वाले पुलिसकर्मियों की अलग टीम तैयार की जा रही है। इनकी वर्दी भी अलग से चमकेगी। ये पुलिसकर्मी मेले में आने वाले लोगों की मदद के साथ ही उन्हें एक पंफलेट भी देंगे, जिसमें जिले के आसपास के पर्यटन स्थल के बारे में विस्तृत जानकारी होगी। साथ ही वहां पर जाने के लिए साधन (ट्रेन और बस) का समय भी अंकित रहेगा।
मेले को देखते हुए अभी 12 पुलिसकर्मी इसके लिए तैयार किए गए हैं। मेेले में यह कुशल गाइड की तरह भी काम करेंगे। इसमें उन पुलिस वालों को रखा जा रहा है, जो अंग्रेजी के जानकार हों, ताकि विदेशी पर्यटक को भी जानकारी दे सकें। मेले में एक महीने तक इनकी ड्यूटी होगी और इसके बाद भी कुछ मंदिर में तैनात किए जाएंगे, ताकि यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशान न होना पड़े। पर्यटन पुलिस का अलग से ड्रेस तैयार कराया जाएगा, जिसमें रेडियम भी लगे होंगे, ताकि रात में भी लाइट में उनकी जैकेट चमके और जरूरतमंद उन तक पहुंच सके।
खिचड़ी मेले में पर्यटन पुलिस तैनात रहेगी। बाइक से पुलिस सुरक्षा के साथ ही श्रद्धालुओं में पंफलेट बांटकर पर्यटन स्थल के बारे में जानकारियां दी जाएगी। इन पुलिसकर्मियों की ड्रेस तैयार कराई जा रही है।
- मोहित अग्रवाल, आईजी
सज रही दुकानें, जुटने लगी खरीदारों की भीड़
मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले खिचड़ी मेले में आने वाले लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से बेरिकेडिंग की जाएगी। इसमें लगने वाले लोहे की पाइपों रंगाई हो चुकी है। बल्लियां आ गई हैं। अब इन्हें गाड़ा जाएगा। उधर सज रही दुकानों पर ही खरीदारों का आना शुरू हो गया है। मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने के लिए लाखों की संख्या में लोग आते हैं। इसमें देश के अलग-अलग प्रांतों के दर्शनार्थी खिचड़ी चढ़ाते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के बाहर से मुख्य गेट तक बेरिकेडिंग की जाती है। महिलाओं के दर्शन के लिए अलग तथा पुरुषों के लिए अलग रास्ते बनाए जाते हैं। इसके अलावा वीवीआईपी के लिए अलग से बीच में बेरिकेडिंग कर रास्ता बनाया जाता है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह अवरोधक भी बनाए जाते हैं। दर्शन-पूजन के बाद दर्शनार्थी मेले का आनंद लेते हैं। मेले में देश के विभिन्न प्रांतों से आए व्यापारी दुकानें लगाते हैं। झूला, चर्खी, मौत का कुआं आदि के अलावा मनोरंजन के अन्य इंतजाम होते हैं। मेले में चहल-पहल बढ़ गई है। दुकानों पर खरीदारों की भीड़ दिखने लगी है। महिलाएं भारी संख्या में खरीदारी करने मेले में पहुंचने लगी हैं। मेला प्रबंधन के साथ प्रशासन भी व्यवस्था में लग गया है।