बस्ती। डॉक्टरों की कमी को देखते हुए गंभीर रोगों के उपचार व गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच के उद्देश्य से शासन ने जिले के नौ सीएचसी व पीएचसी पर टेली मेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मार्च में यह व्यवस्था लागू हो जाने के बाद दिल्ली, मुंबई के डॉक्टर वीडीओ कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मरीजों को बेहतर उपचार के लिए सलाह दे सकेंगे। शासन छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना चाह रहा है। इस व्यवस्था में चिकित्सकों की कमी आड़े आ रही है। दूसरी ओर पिछड़े क्षेत्रों में डॉक्टर रहना भी नहीं चाहते हैं, इन स्थितियों से निपटने के लिए पिछले दिनों ओपेक चिकित्सालय कैली में हुई बैठक के दौरान सीएमओ डा. जेएलएम कुशवाहा से स्वास्थ्य मंत्री ने व्यवस्थागत ढांचे को दुरुस्त करने की सलाह मांगी थी। इसी क्रम में सीएमओ ने टेली मेडिसिन की सलाह दी थी। इस सलाह पर शासन ने मुहर लगा दी है।
सीएमओ डॉक्टर जेएलएम कुशवाहा ने बताया कि शासन ने टेली मेडिसिन को मंजूरी दे दी है। इसके तहत मार्च तक जिले में यह सुविधा पटरी पर आ जाएगी। इसके लिए जहां चयनित अस्पतालों में ब्राडबैंड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए अन्य संसाधन भी दिए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में यह कदम कारगर साबित होगा।
इन अस्पतालों में दी जाएगी सुविधा
पीएचसी दुबौलिया व सदर के अलावा सीएचसी सांऊघाट, भानपुर, परशुरामपुर, विक्रमजोत, गौर व हर्रैया सीएचसी पर टेली मेडिसिन सुविधा लागू होगी।
कैसे होगा संचालन
टेली मेडिसिन में आन लाइन विशेषज्ञ डाक्टर मरीज से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेगा। इसके लिए सिस्टम में डॉक्टर व मरीज एक दूसरे से रूबरू होंगे। मरीजों की जांच रिपोर्ट पढ़कर चिकित्सक रोग के बारे में जान लेंगे। इसके बाद उसे दवा आदि वहीं से लिखकर पर्ची दे दी जाएगी।