फिजिक्स का उपयोग चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ा है। लेजर तकनीक से बड़े ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अब कैंसर, इंसेफेलाइटिस सहित गंभीर बीमारियों से निजात के लिए रिसर्च की जरूरत है। इस दिशा में चिकित्सक और विज्ञानी मिलकर काम करें तो सकारात्मक नतीजा सामने आएगा।
यूनिवर्सिटी में फिजिक्स डिपार्टमेंट की दो दिवसीय कार्यशाला शुक्रवार से शुरू हुई। इसका उद्घाटन बीएचयू के प्रो. एसबी राव ने किया। साथ ही मल्टी डायमेंशनल ऑस्पेक्ट्स ऑफ स्पेक्ट्रास्कोपी पर लेक्चर दिया। प्रो. राव ने बताया कि मिट्टी और अन्य तत्वों को मिलाकर कम या फिर ज्यादा ऊर्जा वाले फोटान बनाए गए हैं। इनका इस्तेमाल लेजर तकनीक में किया जा रहा है। कुलपति प्रो. वीके सिंह ने चुंबकीय ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में रिसर्च का दायरा बढ़ गया है। नवेदिता बुढ़लाकोठी ने फिजिक्स के चर्चित शिक्षक प्रो. देवेंद्र शर्मा को याद किया। साथ ही कहा कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी में फिजिक्स डिपार्टमेंट की स्थापना के बाद प्रो. देवेंद्र ने रिसर्च को आगे बढ़ाया। लेजर तकनीक के कई गूढ़ रहस्यों को सुलझाया।
इस मौके पर प्रो. सुग्रीव नाथ तिवारी, प्रो. शांतनु रस्तोगी, प्रो. लल्लन यादव, प्रो. रविशंकर सिंह, प्रो. ओपी पांडेय, प्रो. आरएमपी जायसवाल, प्रो. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी, प्रो. माहेश्वर मिश्र, प्रो. जय प्रकाश चतुर्वेदी, प्रो. हरिशचंद प्रसाद, प्रो. सुधीर श्रीवास्तव, प्रो. उमेश नाथ त्रिपाठी, डॉ. आरपी सिंह ,प्रो. बीजी आनंदराव एवं डॉ. सोम शर्मा, प्रो. एनबी सिंह प्रो.बीजे फुलेरी, प्रो. आरएमपी जायसवाल मौजूद रहे।