गोरखपुर। जीएसटी के कई प्रावधान व्यापारियों को परेशान कर रहे थे। कंपोजिशन स्कीम, हर महीने रिटर्न फाइल करना, टैक्स स्लैब की पेचीदगी में उलझे व्यापारियों को वित्त मंत्री के स्तर से किए गए कुछ बदलावों को लेकर बेहतर भविष्य की उम्मीदें बंधी हैं तो कारोबारियों का एक वर्ग ऐसा भी है जो सामने आए बदलाव नाकाफी मान रहा है। इस वर्ग का मानना है कि व्यापार की मजबूती के लिए नियमों में और नरमी की जरूरत है।
- कंपोजिट स्कीम का मिलेगा फायदा
कंपोजिट स्कीम की रकम 75 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ करने से व्यापारियों को काफी राहत मिलेगी। यह सरकार का बेहतर फैसला है। कपड़ों के स्लैब में टैक्स कम करने से व्यापारियों के अलावा आम लोगों को भी फायदा होगा।
राजेश नेमानी, थोक कपड़ा व्यापारी
- मंदा व्यापार अब पकड़ेगा रफ्तार
जीएसटी लागू होने के बाद मार्बल कारोबार थम सा गया था। 28 प्रतिशत टैक्स कर दिए जाने से मार्बल काफी महंगा हो गया था। इससे बिक्री थम गई थी। अब 18 प्रतिशत किया गया है। इससे व्यापार के रफ्तार पकड़ने की संभावना है।
विक्की कुकरेजा, मार्बल व्यापारी
ई-वे बिल में छूट से मिलेगा फायदा
जीएसटी लागू होने के बाद व्यापार मंदा पड़ गया था। वहीं ई-वे बिल ने परेशानियों को और बढ़ा दिया था। इसमें छूट देकर सरकार ने व्यापारियों को काफी राहत दी है, लेकिन कंपोजिट स्कीम में टैक्स दर को और कम करने की जरूरत है।
अमित जगनानी, थोक व्यापारी
कपड़ा सस्ता होगा, व्यापार बढ़ेगा
साड़ियों और कपड़ों पर ज्यादा टैक्स से व्यापार की रफ्तार घट गई थी। वहीं हरेक महीने रिटर्न फाइल करने के प्रावधान ने भी कारोबारियों की परेशानी काफी बढ़ा दी थी। इसमें छूट देकर सरकार ने काफी राहत दी है। हालांकि कागजी पेचीदगी और कम की जाए।
भागीरथी निषाद, कपड़ा व्यापारी