संतकबीरनगर। सम्मान जनक मानदेय को लेकर जूनियर हाईस्कूल में धरने पर बैठे शिक्षामित्रों को गुरुवार को पुलिस ने आधी अधूरी तैयारी के साथ गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान चार सौ शिक्षा मित्रों ने अपनी सांकेतिक गिरफ्तारी दी। इससे पूर्व शिक्षामित्रों और पुलिस प्रशासन के बीच इस दौरान कई बार नोकझोंक भी हुई। अंत में शिक्षामित्रों ने सीएम के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों देकर मान गए।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षामित्र जूनियर हाईस्कूल में धरना दे रहे थे। वे कलेक्ट्रेट पैदल जाने के लिए अड़े थे। करीब दो बजे शिक्षामित्र धरना स्थल से उठे और पैदल कलेक्ट्रेट पर जाने के लिए बढ़े ही थे कि पुलिस कर्मियों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान शिक्षामित्रों और पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की तीखी नोकझोंक होने लगी। शिक्षामित्र गिरफ्तारी की मांग करने लगे। जब शिक्षामित्र आने बढ़ी पुलिस ने लाई गईं दो बसों में शिक्षामित्रों को बैठाना शुरू कर दिया। संख्या अधिक होने के कारण दो बसें कम पड़ गईं। इससे नाराज शिक्षा मित्रों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इससे मार्ग जाम लग गया। शिक्षामित्रों की संख्या को देखते हुए पुलिस कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। इसके बाद जूनियर हाईस्कूल में ही गिरफ्तारी पर सहमति बनी। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रणजीत राय ने कहा कि प्रशासन उनके आंदोलन को दबाना चाहता है, पर शिक्षा मित्र इससे डरने वाले नहीं है। इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने शिक्षामित्रों की सांकेतिक गिरफ्तारी की गई और वहीं रिहा कर दिया गया। रणजीत राय ने बताया कि 400 शिक्षा मित्रों ने अपनी गिरफ्तारी दी है। उनका आंदोलन आगे और तेज होगा। इस अवसर पर बृजेश चौधरी, विनोद यादव, नितेश सिंह, विजय मिश्र, महेंद्र यादव, मूलचंद यादव, विजय पांडेय, दुर्गा यादव, संजय पांडेय, जितेंद्र पाठक, गणेश सिंह, प्रमोद पांडेय समेत अन्य मौजूद रहे।
पुलिस की लापरवाही से लग गया जाम
संतकबीरनगर। पुलिस अधिकारियों की लापरवाही कहे या ना समझी। शिक्षामित्रों की गिरफ्तारी के लिए लाई गईं दोनों बसो को जूनियर हाईस्कूल के सामने सड़क पर ही खड़ा कर दिया गया। इसके बाद शिक्षामित्रों को जबरन बस में बैठाने लगे तो सड़क के दोनों तरफ जाम लग गया। करीब आधे घंटे तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। बाद में शिक्षा मित्र जूनियर हाईस्कूल परिसर में गए तो जाम समाप्त हुआ।