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शिकायत पर शिकायत, नतीजा शून्य

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संतकबीरनगर। ढेरों अव्यवस्थाओं के बीच मंगलवार को जिले की तीनों तहसीलों पर अव्यवस्था के बीच संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन हुआ। एक ओर खलीलाबाद में कई अफसर नदारद थे, दूसरी ओर कई शिकायतकर्ता मिले जो एक-दो नहीं कई बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं, पर उनकी फरियाद पर ठोस एक्शन नहीं हो रहा है। एक फरियादी तो ऐसा मिला 25 बार आवेदन दे चुका है। जिले में संपूर्ण समाधान दिवस की यह तस्वीर अफसरों की कार्यशैली के साथ ही यह भी दर्शा रही है कि शासन के निर्देशों का पालन किस हद तक हो रहा है। जिले में मंगलवार को कुल 355 मामले सामने आए इनमें से सिर्फ 32 का ही मौके से निस्तारण हुआ।
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हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार, धनघटा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में आए कोदवट गांव निवासी राम मूरत दास के अनुसार, वह अपनी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए करीब दो वर्ष से परेशान हैं। वह समाधान दिवस में 25 बार फरियाद कर चुके लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। कनैला गांव निवासी राधा व उनके पति आद्या दोनो आंख से दिव्यांग हैं। पेंशन, शौचालय, आवास के लिए वह आठ बार समाधान दिवस में गुहार लगा चुके, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
भिनखीनी गांव के रामकेवल जमीन संबंधी मामले को लेकर आठ बार संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंच चुके हैं, लेकिन सुनवाई नही हो रही है। हाथ और पैर से दिव्यांग बालेश्वर पेंशन के लिए परेशान हैं, उन्हें याद नहीं की वे कितनी बार शिकायत कर चुके हैं। समाधन दिवस में आए रामनेरश, कल्पनाथ, कुबेर, जानकी आदि का कहना था कि सरकार समस्याओं का तत्काल समाधान करने की बात करती है, लेकिन अधिकारी समस्याओं का समाधान केवल कागज में करके उसका निस्तारण कर रहे हैं। यहां तो फरियादियों के बैठने के लिए न तो कोई व्यवस्था है और न ही पीने के लिए पानी का प्रबंध।
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मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान 62 मामले आए और निस्तारण मात्र 11 मामलो का हो पाया। शिकायकर्ता फरदहा निवासी 60 वर्षीय रामशंकर ने बताया कि उनके गांव स्थित पोखरा की जमीन पर कुछ लोग अवैध रुप से कब्जा कर रखा है। अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए 10 अगस्त को एसडीएम व 16 अगस्त को संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देने के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई। समाधान दिवस सिर्फ छलावा साबित हो रहा है। टोटहा निवासी 65 वर्षीय चिन्नी बताते है कि उनकी संक्रमणीय भूमि दबंगों ने कब्जा रखी है। वे सात बार समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दे चुुके हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 45 वर्षीय बरदगवा माफी निवासी तुलसीराम बताते है कि ग्राम प्रधान द्वारा अपने परिवार के कई सदस्यों के नाम अंत्योदय कार्ड बनवाया गया है, जबकि गांव में तमाम पात्र इससे वंचित हैं। पांच बार से संपूर्ण समाधान दिवस में ग्राम प्रधान की मनमानी व अपात्रों को राशन कार्ड देने की शिकायत दर्ज कराते चला आ रहे हैं, पर अधिकारी फरियाद सुनने की जगह शांत हो कर आश्वासन की घुट्टी पिला रहे हैं। मेंहदावल के मोहल्ला बहबोलिया निवासी 40 वर्षीय देवी सिंह बताते हैं कि नगर के साधन सहकारी समिति पश्चिमटोला के पूर्व सचिव ने उनके नाम से खाद बीज के नाम पर 21367.90 रुपये का कर्ज अभिलेख में दिखा दिया है, जबकि उनके द्वारा कोई कर्ज समिति से नहीं लिया गया हैं। वे लगातार संपूर्ण समाधान दिवस में व उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे रहे हैं, पर सुनवाई नहीं हो रही है। जब शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पा रहा है तो समाधान दिवस औचित्यहीन है।
खलीलाबाद तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान फरियादी तो पहुंचे पर अफसरों की कई कुर्सियां खाली दिखीं। डिप्टी सीएमओ, श्रम प्रर्वन अधिकारी, एडीओ सेमरियावां और पूर्ति निरीक्षक अनुपस्थित रहे। जिनका एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति रिपोर्ट उच्चाधिकारी को भेजने की जानकारी एसडीएम ने दी। पहले के 13 मामले ऐसे पेंडिंग हैं जो 31 अगस्त तक ही निस्तारित हो जाने चाहिए थे, लेकिन लापरवाही की वजह से यह शिकायतें डिफाल्टर की श्रेणी में आ गईं। यहां कुल 119 मामले आए और सिर्फ चार मामले ही निस्तारित हुए।

जांच की मांग को लेकर हंगामा
हैंसर। दुघराकला में कराए गए विकास कार्यों की जांच कराकर प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर गांव वालों ने धनघटा संपूर्ण समाधान दिवस में हंगामा किया। जिला पंचायत सदस्य संतोष चौहान के नेतृत्व में पहुंचे रामहित , रामगति, श्यामलाल, रुपा, सुनीता आदि का कहना था कि उनके गांव के प्रधान ने अपने पिता के नाम से अंत्योदय कार्ड बनवा लिया और गांव के पात्र लोगों का नाम राशन कार्ड सूची से कटवा कर अपने चहेतो के नाम से राशन कार्ड जारी करा लिया जो अपात्र हैं। वर्ष 2015-16 में मानक विहीन विकास कार्य करवा कर लाखो रुपये हड़प लिए। जिसकी जांच कराने के लिए कई बार शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि इस बार जांच में लीपा पोती की गई तो कलेक्ट्रेट पर पहुंच कर आमरण अनशन करेंगे।

कोटेदार के खिलाफ प्रदर्शन
हैंसर। गायघाट के लोगों ने धनघटा तहसील में चल रहे संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंच कर प्रदर्शन कर कोटेदार के खिलाफ शिकायती पत्र देकर कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रधान रामनयन यादव के नेतृत्व में पहुंचे गांव के इसरावती, मितला, रीनू, राजाराम, रीता देवी आदि का कहना था कि उनके गांव का कोटेदार ने दो माह से राशन का वितरण नहीं किया है। जबकि गांव बाढ़ के चपेट में था और लोग दाने- दाने को मोहताज हैं। एसडीएम से शिकायत की गई थी तो उन्होंने इसे अनसुना कर दिया। इसके पहले भी तहसील दिवस में कोटेदार के खिलाफ शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन कोई जांच तक करने नही पहुंचा। अब वह लोगों को बुरा-भला कर रहा है।
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