गोरखपुर। प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के महानायक अमर शहीद बंधु सिंह के शहादत दिवस पर शनिवार को कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। अलीनगर चौक जहां उन्हें फांसी दी गई थी, वहां स्थापित उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया गया।
सहजनवां के विधायक एवं बंधू सिंह स्मारक समिति के अध्यक्ष शीतल पांडेय ने कहा कि 159 साल पहले बंधू सिंह देश की आजादी के लिए अंग्रजों को कड़ी टक्कर दी थी। इससे घबराकर अंग्रेजों ने उन्हें फांसी पर चढ़ा दिया। विशिष्ट अतिथि भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेंद्र शुक्ल ने कहा कि बंधु सिंह के बलिदान से लोगों को आजादी की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा मिली थी। युवा पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। कार्यक्रम में स्मारक समिति के सचिव अजय सिंह टप्पू, जीतेंद्र राय, जर्नादन तिवारी, राहुल श्रीवास्तव, धर्मेंद्र सिंह, मनोज सिंह, जितेंद्र सैनी, राकेश श्रीवास्तव, विश्व जिताशु सिंह आशू, अच्युतानंद शाही, राधेश्याम रावत, सुनील त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
शहीद बंधु सिंह को किया नमन
महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज में अमर शहीद बंधु सिंह का बलिदान दिवस मनाया गया। कार्यक्रम मेें राजनीति शास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने कहा कि वह न केवल भारत मां के सच्चे सपूत थे बल्कि गोरखपुर के भी गौरव थे। जब अंग्र्रेजों से सिर उठाकर बात करने की हिम्मत जुटा पाना कठिन था, उस समय बंधु सिंह अंग्रेज सैनिकों का सिर काटकर भारत मां को भेंट चढ़ा रहे थे। उन्होंने कहा कि बंधु सिंह ने पूर्वांचल में अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी थी। कार्यक्रम में डॉ. दीप्ती गुप्ता, मीनाक्षी शर्मा, प्रिया वर्मा ने भी विचार रखे। गोष्ठी में डॉ. शिव कुमार बर्नवाल, डॉ. रामसहाय, प्रदीप वर्मा, प्रियंका मिश्रा आदि मौजूद थीं।