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जलाभिषेक कर हजारों शीश नतमस्तक हुए

Mon, 10 Jul 2017 08:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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सावन के पहले सोमवार को शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु। - फोटो : Amar Ujala
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सावन के पहले सोमवार पर शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु भोर से ही पहुंचने लगे थे। सुबह हुई तो तेज बारिश की परवाह न करते हुए हजारों लोग शिवालय पहुंचे और धूप, अगरबत्ती, दूध, जल, धतूरा, फल, फूल, बेलपत्र, गंगाजल और शहद से जलाभिषेक कर नतमस्तक हुए। कई पुरुषों और महिलाओं ने व्रत भी रखे। घरों और मंदिरों में रुद्राभिषेक कराया गया। ट्रांसपोर्टर नगर स्थित बाबा मुक्तेश्वर नाथ मंदिर और झारखंडी स्थित महादेव झारखंडी शिव मंदिर में तो हजारों की संख्या में भक्त दर्शन-पूजन करने पहुंचे।
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पहले सोमवार के मद्देनजर महादेव झारखंडी में रविवार की रात से ही शिव भक्त पहुंचने लगे थे। यहां प्रमुख पुजारी महंत भगवती दास ने सबसे पहले पूजन किया। इस बीच कतार में लगे हजारों भक्त हर-हर महादेव का उद्घोष करते रहे। इसके बाद मंदिर में रात एक बजे से ही जलाभिषेक शुरू हो गया। यहां महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचीं। इस दौरान सुरक्षा में पुलिस वाले तैनात रहे। उधर, ट्रांसपोर्टनगर स्थित बाबा मुक्तेश्वर नाथ मंदिर में भी हजारों की संख्या में शिव भक्त जलाभिषेक करने पहुंचे। भारी बारिश के बीच यहां श्रद्धालु सुबह चार बजे से ही कतार में लग गए थे। इसके अलावा बेतियाहाता स्थित हनुमान मंदिर, दाउदपुर श्री महाकाली मंदिर, मानसरोवर पोखरे के पास स्थित मंदिर, मोहद्दीपुर स्थित शिवाला मंदिर, तारामंडल रोड स्थित प्राचीन संकट मोचन मंदिर, सिद्धार्थ इन्क्लेव स्थित शिवाला मंदिर में भी भक्तों की भीड़ रही। बहुत से लोगों ने सावन के पहले सोमवार पर भोले शंकर को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी रखा। जलाभिषेक करने के बाद उन्होंने फलाहार का सेवन किया।

कई भक्तों ने मंदिर में किया रुद्राभिषेक
महादेव झारखंडी में सिंघड़िया, कूड़ाघाट, देवरिया और शहर के आसपास के क्षेत्रों से लोग पहुंचे। इनमें से 20 लोगों ने रुद्राभिषेक किया। भक्तों की सुविधा के लिए मंदिर समिति की ओर से 25 पंडितों को लगाया गया था। इन्हीं में से कुछेक विशेष पूजन भी करा रहे थे।
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सपरिवार किया रुद्राभिषेक
सहारा इस्टेट से अपने बेटे अनुभव, बहू, पत्नी और बेटी के साथ झारखंडी मंदिर आया। मेरे साथ पंडित भी आए हैं। उनके निर्देशन में हमने सपरिवार रुद्राभिषेक किया ताकि परिवार पर भोले की कृपा बनी रहे।
- अनिल कुमार, शिव भक्त

परिवार के सुख के लिए रखती हूं व्रत
जब से होश संभाला है, परिवार के साथ झारखंडी मंदिर में जलाभिषेक करती आ रही हूं। मैं अपने परिवार की खुशहाली के लिए व्रत भी रखती हूं। मेरे घर में सभी शिव की आराधना करते हैं।
- नेहा पांडेय, तारामंडल

22 वर्षों से जलाभिषेक कर रही
सुबह छह बजे मंदिर आना था पर बारिश के चलते दोपहर साढ़े तीन बजे आ सकी। मैं 22 वर्षों से नियमित जलाभिषेक कर रही हूं। मझगांव में ससुराल से शिव के दर्शन के लिए आई हूं।
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- नीतू सिंह, मझगांव

दोबारा आई जलाभिषेक करने
मैं सुबह दस बजे जलाभिषेक करके चली गई थी, लेकिन सहेलियों का फोन आया कि वे आ रही है। दोबारा उनके लिए आई। इस बार भी महादेव का जलाभिषेक किया।
- अंजलि साहनी, शिवपुर
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