शहीद साहब शुक्ला के परिवारवालों से सीएम ने मुलाकात की।
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जम्मू कश्मीर में शहीद सीआरपीएफ के जवान साहब शुक्ला को श्रद्धांजलि देने उनके गांव पहुंच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार अब हर शहीद को सम्मान देने के अलावा उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी देगी। इसके लिए नियमावली बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने आतंकवाद पर हमलावर अंदाज में कहा कि इसके खिलाफ लड़ाई में सभी को संगठित होने की जरूरत है। यह काम सिर्फ सेना या सिपाहियों का ही नहीं है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को शहीद के गांव मझगावां पहुंचे। शहीद की पत्नी और बच्चों से मुलाकात के बाद छह लाख रुपये का चेक दिया और एक बेटे को नौकरी देने का एलान किया। साथ ही कहा कि अब से हर शहीद के परिवार के एक सदस्य को यूपी सरकार नौकरी देगी। सीएम ने कहा कि आर्थिक सहायता बहुत से शहीदों के परिजनों को मिलती है लेकिन बाद में आर्थिक संकट गहरा जाता है। परिवार की नियमित आय नहीं हो पाती है। इसको ध्यान में रखकर ही अब ऐसी व्यवस्था बनाने जा रहे हैं कि हमारे आर्म फोर्स का कोई भी जवान चाहे वह सेना का हो या पैरामीलिट्री का, देश के लिए शहीद हुआ यदि प्रदेश का नागरिक है तो उसके परिवार के एक सदस्य को प्रदेश सरकार नौकरी देगी। सीएम ने कहा कि जिस गांव का जवान शहीद होता है उस गांव का विकास होना चाहिए। यह दायित्व ग्रामपंचायत का है कि उस गांव को शहीद गांव के रूप में विकसित करे। यदि ग्रामसभा से लेकर विधानसभा तक यह भावना पैदा हो जाए तो इस देश में नई क्रांति देखने को मिलेगी। पीएम मोदी भी इसी भावना के साथ कार्य कर रहे हैं।
शहीद के घर से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने कनइल प्राथमिक विद्यालय में स्कूल चलो अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। कहा कि प्रायोजित आतंकवाद का दंश हमारा देश पिछले 35 सालाें से झेल रहा है। इसका शिकार हमारे जवान और नागरिक दोनों हो रहे हैं। यह लड़ाई केवल सरकार की नहीं है, संपूर्ण देशवासियों की है। इससेे मिलकर लड़ने की जरूरत है। आतंकवाद का शिकार कोई भी व्यक्ति हो सकता है।