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नेता, अफसरों को आवंटित किए थे 83 प्लाट

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अमर उजाला ब्यूरो
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गोरखपुर।
गोरखपुर इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (गीडा) ने नियम और मानक दरकिनार कर नेता, अफसर, डॉक्टर, शिक्षक समेत कई लोगों को 83 औद्योगिक प्लॉट आवंटित कर दिए थे। जो प्लॉट निरस्त हुए हैं, उनमें से ज्यादातर प्लॉट सपा, भाजपा, कांग्रेस और बसपा नेताओं के नाम है।
गीडा ने 2015 में 26 प्लॉटों के आवंटन का विज्ञापन निकाला था। इसके लिए 242 आवेदन पत्र जमा हुए। इनकी स्क्रीनिंग कराई गई, जिसके बाद 83 प्लॉटों का आवंटन कर दिया गया। ज्यादातर प्लॉट शहर के रसूखदारों को दिए गए थे। इसी का नतीजा रहा कि पूरे मामले की शिकायत हुई और जांच-पड़ताल के बाद गीडा बोर्ड ने आवंटन निरस्त करने का फैसला लिया। इससे नेता, अफसरों में बेचैनी है।
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गीडा प्रशासन की गर्दन भी फंसेगी
आवंटन के बाद आठ आवंटियों ने रजिस्ट्री करा ली। इसमें से तीन ने उद्योग लगा लिए हैं। अब प्लॉटों का आवंटन निरस्त हो गया। ऐसे में रजिस्ट्री और उद्योग अवैध हो गए। अब आवंटी कोर्ट जाने की बात कर रहे हैं। यदि मामला कोर्ट गया तो गीडा प्रशासन की गर्दन फंसेगी। उसे बताना पड़ेगा कि गलत आवंटन हुआ तो रजिस्ट्री कैसे करा दी गई। उद्योग लगाने से रोका क्यों नहीं गया?

वापस करने होंगे 3.50 करोड़
प्लाट आवंटन के समय गीडा ने आवंटियों से 3.50 करोड़ रुपये जमा कराए थे। अब ये धनराशि आवंटी को वापस करनी होगी। इसके इंतजाम में गीडा प्रशासन लग गया है। जल्द ही औपचारिकता पूरी करने का दावा है।
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इनके नाम से आवंटित थे प्लाट
दिलीप कुमार सिंह, रामनाथ यादव, उमेश यादव, राम विलास, सरोज सिंह, महेंद्र सिंह, गोरखनंदन यादव, कुसमावती देवी, अरशद अहमद, विकास चंद्र अग्रहरि, अविनाश सिंह, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, कृष्णदेव कसौधन, राधेश्याम मल्ल, आदिल अहमद खां, अवनीश, ओम एग्रो फुड्स एंड फीड्स, राम प्रकाश दुबे, भीष्म कुमार, मोइन अख्तर, राज यादव, शशांक अग्रवाल, इंदू देवी, विकास कुमार, प्रमोद कुमार, गोपाल दास भारतीय, सुशीला त्रिपाठी, शशि प्रभा, मोहम्मद अली सिद्दीकी, पुष्पावती यादव, अरुण कुमार अग्रहरि, कुमारी नंदनी वर्मा, रितेश सिंह, चतुर्भुज नंद यादव, अखिलेश सिंह, रामपाल सिंह, हरिओम शर्मा, रीतेश कुमार यादव, धर्मराज यादव, पंकज सिंह, बेचन गुप्ता, चंद्रशेखर मौर्य, ओम मेटल कैप इंडस्ट्रीज, मनीष कुमार चौधरी, श्रीराम प्रताप सिंह, सुरेश गुप्ता, प्रवीण कुमार, आशुतोष राय, सुधा यादव, अखंड प्रताप सिंह, गिरीश कुमार गुप्ता, अमना बेगम, राजीव कुमार मिश्रा, रवींद्र बहादुर, दयाराम पांडेय, धीरज कुमार, राजीव कुमार मिश्रा, दयाराम पांडेय, धीरज कुमार, सूबेदार यादव, श्वेता सिंह, योगेश चंद्र त्रिपाठी, राणा प्रताप सिंह, मनोज कुमार सिंह, सुभांगी भारद्वाज, सचिन जायसवाल, दिव्यारानी सिंह और त्रिभुवन सिंह।

बोर्ड के फैसले के बाद 83 प्लॉटों का आवंटन नए सिरे से होगा। गीडा प्रशासन को इन सभी आवंटियों को करीब 3.50 करोड़ रुपये की रकम लौटानी होगी।
- एके सिंह, प्रबंधक संपत्ति, गीडा

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