वन कर्मियों को ट्रैंकुलाइजर गन चलाने का प्रशिक्षण
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गोरखपुर। प्रदेश में पशुपालन विभाग के 50 पशु चिकित्सकों को ट्रैक्यूलाइजर गन (पशु को बेहोश करने वाली बंदूक) चलाने का प्रशिक्षण दिया गया है। जिले के दो पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने के साथ एक ट्रैंक्यूलाइजर गन भी दी गई है। वन विभाग इन चिकित्सकों की सेवा ले सकेगा। ऐसे चिकित्सक को पांच हजार रुपये का मानदेय भी दिया जाएगा। वन विभाग शहर में खुल रहे चिड़ियाघर में भी एक पशु चिकित्सक को तैनात करेगा।
यह जानकारी प्रधान वन संरक्षक हेमंत कुमार ने दी। बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग मानव वन्य जीव द्वंद्व को रोकने की खातिर रक्षकों के लिए सुरक्षा उपकरण भी देगा। उनमें विशेष वस्त्र और हेलमेट शामिल होगा। छह हजार पौंड के चीते के हमले से उपकरण सुरक्षा कर सकेगा। उसके अलाव सेंसर से संचालित होने वाला पिंजड़ा भी खरीदा जाएगा। तेंदुआ अगर आबादी में आ जाता है तो भारी भरकम पिंजड़े का दरवाजा खोलकर उसे अंदर करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक से वन्य जीवों की गतिविधियों के अलावा जंगल के अवैध कटान और लकड़ी तस्करों पर भी नजर रखी जाएगी।