गोरखपुर। गोरखपुर महोत्सव के अंतर्गत आयोजित राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता पहले दिन ही बवाल की भेंट चढ़ गई। पांच प्रतिबंधित खिलाड़ियों को रीजनल स्टेडियम की टीम से उतारने का विरोध करना फुटबॉल संघ के पदाधिकारियों को भारी पड़ गया। आरोप है कि स्टेडियम से जुड़े लोग पर्यवेक्षक से भिड़ गए और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया। इससे नाराज होकर पर्यवेक्षक मैच बीच में छोड़ कर ही चले गए। इस वजह से पहले दिन महज एक ही मुकाबला खेला जा सका।
पहले दिन के उद्घाटन मुकाबले के बाद दूसरा मैच आगरा और गोरखपुर स्टेडियम के बीच खेला जाना था। दोनों टीमों के खिलाड़ी जब मैदान पर पहुंचे तो गोरखपुर स्टेडियम की टीम से पांच प्रतिबंधित खिलाड़ी आयुष, निशांत थापा, आकाश, राहुल और जावेद भी शामिल थे। फुटबॉल संघ के पर्यवेक्षक ने जब इसका विरोध किया तो स्टेडियम के समर्थक और खिलाड़ियों ने हंगामा कर दिया। आरोप है कि स्टेडियम के अधिकारियों की मौजूदगी में ही अभद्रता हुई।
सैफई ने जीता उद्घाटन मुकाबला
राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का उद्घाटन बुधवार को विधायक शीतल पांडेय ने खिलाड़ियों से परिचय हासिल कर किया। पहला मुकाबला गौतम स्पोर्टिंग और सैफई के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले के दूसरे हॉफ में सैफई के विजय ने गोल कर जीत सैफई के झोली में डाल दी। इसके पूर्व उद्घाटन समारोह में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने पीटी का प्रदर्शन किया।
गोरखपुर महोत्सव: टैलेंट हंट प्रतियोगिता के विद्यार्थियों के नाम घोषित
गोरखपुर महोत्सव के अंतर्गत 13 जनवरी को विश्वविद्यालय के क्रीड़ांगन में आयोजित होने वाली टैलेंट हंट प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सरनीत कौर और जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि सभी प्रतिभागियों को 13 जनवरी को सुबह 8 बजे तक पहुंचना है।
इनका हुआ चयन
मोनो एक्ट- सुमिता श्रीवास्तव, आकाश, शुभम पांडेय, एकल नृत्य -स्मिता, प्रतीक, अंशिका शर्मा, आयुषी आर्या, समूह नृत्य- एमएम डब्लू ग्रुप, फ्यूजन डांस एकेडमी, विजय प्रकाश एंड ग्रुप, सुगम संगीत- आन्या खान, हरिओम उपाध्याय, विनायक, काव्य पाठ- कनिष्का अग्रवाल, भीमसेन सिंह, सलिम मजहर, अकावेला ग्रुप, कासिम रजा, उन्नित, वाद यंत्र- प्रखर शलोभ (आर्गन), रौनक मिश्रा(तबला), शिवम तिवारी (बांसुरी), आभास (आर्गन मलोडिका), गरिमा गिटार, ऋषभ त्रिपाठी एंड ग्रुप (वाद्य वृंद) कात्यायनी पांडेय (गायन-वादन), लोकगीत- पूर्वी और सोहाल।