हादसे के बाद स्कूल पहुंचकर जांच करते अफसर।
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सिद्धार्थनगर/ उस्का बाजार। खैरा गांव में स्कूली बस के हादसे के शिकार होने के बाद प्रशासन जांच में जुट गया है। बीईओ उस्का सीमा पांडेय ने बताया कि शुरूआती जांच में जानकारी मिली है कि स्कूल की मान्यता कक्षा छह से आठ तक है, लेकिन पढ़ाई नर्सरी से इंटरमीडिएट तक होती है।
बिना मान्यता के कक्षाएं संचालित करने की सूचना पर डीएम ने स्कूल सील करने का आदेश देते हुए पूरे मामले की जांच के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान और बीईओ जोगिया को नामित किया गया है। टीम 24 घंटे में रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। एआरटीओ एके शुक्ल ने बताया कि बस 27 सीटर थी। जबकि ग्रामीणों ने बताया कि घटना के वक्त बस में 40 से अधिक बच्चे सवार थे। गौरतबल है कि अप्रैल में कुशीनगर के दुदही में स्कूली वैन के ट्रेन की चपेट में आने की घटना के बाद प्रदेश के सभी विद्यालयों की मान्यता की जांच करने का निर्देश शासन ने दिया था। मगर आदेश कागजी कोरम तक सिमटकर रह गया। स्कूलों में आज भी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बसों में क्षमता से अधिक बच्चे ढोए जा रहे हैं।
इन बिंदुओं की जांच करेगी टीम
विद्यालय की स्थापना व संचालन तिथि, विद्यालय की मान्यता प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक आदेश पुष्टि की समय सीमा, दुर्घटनाग्रस्त वाहन के कागज, फिटनेस व वैधता, विद्यालय में पंजीकृत बच्चों की संख्या और विद्यालय की अवधि व पठन-पाठन, विद्यालय में कार्यरत शिक्षक स्टाफ का विवरण व शैक्षिक योग्यता, विद्यालय की सुरक्षा, अग्निशमन यंत्र व भूकंपरोधी भवन के साथ अन्य बिंदुओं की जांच होगी।