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बारिश से भी ठंडा न पड़ा भोले भक्तों का उत्साह

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बारिश में भी ठंडा न पड़ा भोले भक्तों का उत्साह
तड़के शुरू हुआ शिवालयों में महादेव का जलाभिषेक, शाम तक चलते रहे अनुष्ठान
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बारिश के बाद भी सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं की आवाजाही पर इसका असर नहीं दिखा। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की कतार लग गई थी। सुबह साढ़े नौ बजे पीपीगंज कस्बे के गौरीशंकर मंदिर के बाहर बारिश के बीच बड़ी संख्या में भक्त भोले के जलाभिषेक के इंतजार में थे तो अंदर भीड़ के चलते कुछ नजर ही नहीं आ रहा था।
शहर के शिवालय भोर से ही भक्तों की भीड़ से खचाखच हो उठे। सड़क हो या मंदिर हर ओर हर-हर महादेव और बम-बम भोले का जयघोष सुनने को मिला। कोई नंगे पांव शिव का दर्शन करने पहुंचा तो कोई पेट के बल लेटकर दरबार में हाजिरी लगाने आया। शिव भक्तों की भीड़ और उनके उत्साह का आलम ये था कि शाम तक शिवालयों से घंटे घड़ियाल की आवाज आती रही। हनुमान मंदिर बेतियाहाता, बरगदवा शिव मंदिर, मोहरीपुर शिव मंदिर, बामंत माता मंदिर, मुक्तेश्वर नाथ मंदिर, जटाशंकर मंदिर, हनुमान गढ़ी आदि में पूरे दिन जलाभिषेक एवं विभिन्न अनुष्ठानों का क्रम जारी रहा। दूध, जल, अक्षत, दही, शहद, घी, बेलपत्र, धतूरा, भांग, जनेऊ, चंदन आदि से अभिषेक कर लोगों ने मंगलकामना की।
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दूसरे जिलों से भी पहुंचे श्रद्धालु
गोरखनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में दूसरे जिलों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। यहां रिमझिम फुहारों के बीच जलाभिषेक के बाद भीम सरोवर में लोगों ने बोटिंग का लुत्फ भी उठाया। मानसरोवर मंदिर पर भी तड़के ही श्रद्धालुओं की कतार लग चुकी थी। महंथ प्रेमनाथ योगी के अनुसार बड़ी संख्या में भक्तों ने यहां देर शाम तक जलाभिषेक किया।

देर रात ही पहुंच गए थे भक्त
महादेव झारखंडी मंदिर में भगवान भोले को पूजने के लिए रात एक बजे से ही भक्त जुटने शुरू हो गए थे। मंदिर समिति के अध्यक्ष अयोध्या मिश्र के मुताबिक तेज बारिश के दौरान भक्तों के मंदिर आने का क्रम थोड़ा धीमा पड़ता रहा, लेकिन बारिश हल्की होते ही श्रद्धालुओं का झुंड आने लग रहा था। स्वयंभू शिवलिंग को पूजने के लिए देर शाम तक भक्तों के पहुंचने का क्रम जारी रहा।

महिलाओं के लिए विशेष फलदायी हैं झारखंडी शिव
झारखंडी शिव महिलाओं के लिए विशेष फलदाई माने गए हैं। ऐसी मान्यता है कि यहां जो भी संतानविहीन महिला शिव की आराधना करती है उसकी गोद भर जाती है। साथ ही कुंवारी कन्याओं को शिव की कृपा से इच्छित वर की प्राप्ति होती है। यह भी मान्यता है कि शिव भस्म से बीमार पशु ठीक हो जाते हैं। यही कारण है कि यहां हमेशा महिला श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहती है।
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लोगों ने रखा व्रत, घरों और मंदिरों में हुआ रुद्राभिषेक
बड़ी संख्या में लोगाें ने सावन के पहले सोमवार पर व्रत रखा। सुबह स्नान कर घर या शिवालय में भगवान शिव की विधिविधान से पूजा की। पहले सोमवार पर मंदिरों से लेकर घरों तक में रुद्राभिषेक हुआ। लोगों ने मनोकामना की पूर्ति के लिए विभिन्न सामग्रियों से महादेव का अभिषेक किया।
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