यूपी बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन के दौरान मंगलवार को तुलसीदास इंटर कॉलेज में बवाल हो गया। सुबह 10 बजे गेट बंद कराए जाने पर शिक्षकों ने प्रधानाचार्य का विरोध शुरू किया तो उन्होेंने पुलिस बुला ली। आरोप है कि सीओ के निर्देश पर पुलिस ने केंद्र के अंदर मोबाइल फोन न ले जाने के लिए शिक्षकों की तलाशी लेनी शुरू कर दी। इसके बाद शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य बंद करा दिया। शिक्षक सीओ के माफी मांगने पर अड़े हैं। कई शिक्षक संगठनों ने बुधवार को मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। वहीं शिक्षकों ने केंद्र में बिजली और पानी की दुर्व्यवस्था का भी आरोप लगाया। हंगामे की सूचना एडीआईओएस ओडी सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंच गए और शिक्षकों को शांत कराया।
उधर, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के पदाधिकारियों की बैठक कैंप कार्यालय पर हुई। इसमें मूल्यांकन केंद्रों पर अव्यवस्था और पुलिस अधिकारी द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की निंदा की गई और कापी नहीं जांचने का निर्णय लिया गया। बैठक में जिलाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय नाथ पांडेय, मंत्री रमेंद्र प्रताप चंद, मंडलीय मंत्री ज्ञानेश राय, अजय शुक्ला, देवनाथ राय, बालेश्वर नाथ पांडेय, आशुतोष दुबे, डॉ ब्रजेश मणि, दीपक राय आदि मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेत नरायन गुट) की जिला इकाई की बैठक में शिक्षकों से दुर्व्यवहार करने वाले सीओ से माफी मांगने तक मूल्यांकन कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान जलाध्यक्ष जैनेंद्र सिंह, मंडलीय मंत्री रणजीत सिंह, राजेश चंद चौधरी, विवेक सिंह, सुभाष नायक, मुकेश श्रीवास्तव, प्रवीण तिवारी आदि उपस्थित थे।
इसी क्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने बैठ कर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। इस दौरान मंडल संयोजक आशीष मणि त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष डा ज्ञानेंद्र सिंह, मंत्री घनश्याम गुप्ता, सुशील दत्त मिश्र आदि मौजूद रहे।
जुबिली इंटर कॉलेज पर चला धरना
मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर रहे माध्यमिक शिक्षक संघ (वित्तविहीन गुट) से जुड़े शिक्षकों ने जुबिली इंटर कॉलेज में हंगामा किया। जिस कमरे में कापियां रखी गई थीं, उसके आगे बैठ कर नारेबाजी करने लगे। शिक्षकों से मूल्यांकन का बहिष्कार करने की अपील कर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष लाल बिहारी यादव, चंद्र भूषण मिश्र, क्षत्रपति शुक्ल, रामशंकर, देश बंधु शुक्ल, राम उग्रह यादव, मणि देव मल्ल आदि मौजूद रहे।