जिला अस्पताल में इलाज के लिए पर्ची बनवाने के लिए कतार में खडे पुरूष।
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देवरिया। जिला अस्पताल के ओपीडी में मरीजों को इलाज के लिए मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह समय से डॉक्टरों का ओपीडी में न बैठना और कई डॉक्टरों के छुट्टी पर जाना बताया जा रहा है। इसके चलते कई मरीजों को बिना इलाज कराए लौटना पड़ा। जिला अस्पताल के ओपीडी में इलाज के लिए सोमवार को 1800 मरीजों ने रजिस्ट्रेशन कराया। डॉक्टरों के समय से नहीं बैठने के कारण मरीजों को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सुबह 8 के बजाए 10 बजे पहुंचे डॉक्टरों ने पहले वार्डों में राउंड लिया और फिर करीब 11 बजे ओपीडी में बैठे। डॉ. डीके सिंह, डॉ. सौरभ द्विवेदी, डॉ. रामसकल यादव, डॉ. एमके वर्मा और डॉ. पीएन कन्नौजिया के कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी थी। धक्का-मुक्की के बीच लोग डॉक्टरों से दिखाने के लिए परेशान रहे। दोपहर 2 बजे डॉक्टर ओपीडी से चले गए। इसके चलते कई मरीजों को बिना इलाज कराए जाना पड़ा। रामदास चौहान, रघुनंदन, रामकृपाल, रजत, देवकी देवी, संगीता का कहना है कि सरकारी अस्पताल सिर्फ नाम का है। समय से ओपीडी में डॉक्टरों के नहीं बैठने के चलते मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई दिनों से यह हाल अस्पताल का है। इसको लेकर जिला अस्पताल के जिम्मेदार गंभीर नहीं है। सीएमएस डा. छोटेलाल ने बताया कि इधर ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। दो-तीन डॉक्टर छुट्टी पर हैं। इसके चलते थोड़ी दिक्कत हो रही है। डॉक्टर राउंड लेने के बाद ओपीडी में बैठ रहे हैं। मरीजों के वापस जाने की जानकारी मुझे नहीं है।