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गीडा के उद्यमियों को मिलेगा ओटीएस का लाभ

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गोरखपुर। गीडा की अधिकांश फैक्ट्रियां प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानक के हिसाब से अवैध हैं, क्योंकि इन फैक्ट्रियों ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया ही नहीं है। इन फैक्ट्रियों पर नियंत्रण बोर्ड की ओर से भारी-भरकम जुर्माना भी निर्धारित किया गया है। ऐसे में इन्हें राहत देने के लिए कमिश्नर ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम लाने का प्रस्ताव भेजा है। गीडा के प्रबंधक संपत्ति एके सिंह ने बताया कि कमिश्नर की ओर से इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मुख्यालय को ओटीएस का प्रस्ताव भेजा गया है। अगर इसे स्वीकृति मिले जाती है तो इससे गीडा के उद्यमियों को राहत मिल जाएगी।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लगाया कैंप
गोरखपुर। गीडा की 16 फैक्ट्रियों में तालाबंदी और 28 फैक्ट्रियों को नोटिस देने के बाद मचे हड़कंप के बीच क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से गीडा के साइट कार्यालय पर कैंप लगाया गया। इस दौरान फैक्ट्री मालिकों को उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण के मानकों को पूरा करने के संबंध में जानकारी दी गई। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी घनश्याम ने बताया कि कैंप में गीडा की फैक्ट्रियों में प्रदूषण नियंत्रण संबंधी उपायों के बारे में जानकारी दी गई। लगातार चार दिन और यहां कैंप लगाया जाएगा।
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एनजीटी में सुनवाई कल
गोरखपुर। रामगढ़ताल, राप्ती, रोहिन और आमी नदी के प्रदूषण को रोकने के संबंध में विभिन्न विभागों की ओर से किए गए प्रयासों के संबंध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में 12 अक्टूबर को सुनवाई होनी है। इसमें जिला प्रशासन, नगर निगम, जल निगम, जीडीए, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि के अधिकारी व्यक्तिगत तौर पर मौजूद रहकर अपना पक्ष रखेंगे।
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