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राजनीतिक दलों से लेकर संगठनों तक ने जताया रोष

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गोरखपुर।
मेडिकल कॉलेज में दो दिनों में 40 से ज्यादा मौतों के बाद राजनीतिक दलों से लेकर विभिन्न संगठनों ने अफसोस एवं रोष जताया। सभी ने मामले के गुनहगारों को कठोर सजा देने के साथ पीड़ितों के परिवारवालों को मुआवजा देने की मांग की है।
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बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी ने कहा कि शासन और प्रशासन मेडिकल कॉलेज में हुई मौतों के लिए जिम्मेदार है। आक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत घोर लापरवाही है। वह भी मुख्यमंत्री के दौरे पर आने के ठीक एक दिन बाद। पूर्ववर्ती सरकार ने मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन के लिए प्लांट लगाया था, लेकिन त्र 69 लाख बकाया होने की स्थिति में कंपनी ने सप्लाई बंद कर दी। इसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार हैं। वहीं कांग्रेस नेता राणा राहुल सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने मेडिकल कॉलेेज में धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर राणा राहुल ने कहा कि यह घोर लापरवाही है। इलाज के लिए आए मरीजों को मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मौत के मुंह में धकेल दिया। इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। मृतकों की मौत पर गैरजिम्मेदार बयान के लिए गोरखपुर के डीएम को तत्काल निलंबित किया जाए। साथ ही सरकार सभी मृतकों के परिवारवालों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा दे। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जन आंदोलन समिति के जिला प्रभारी दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि घटना के लिए नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। मृतक के परिवारवालों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। चैंबर ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष मनीष चांदवासिया ने घटना दुखद है, मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने लिक्विड ऑक्सीजन के खत्म करने संबंधी जानकारी नहीं दी। अगर मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई होती तो इतना बड़ा हादसा टल सकता था। वहीं चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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