फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूबे में खुलेंगे 125 फास्ट ट्रैक कोर्ट

विज्ञापन
प्रदेश के विधि न्याय मंत्री का स्वागत करते अधिवक्ता। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विज्ञापन
गोरखपुर। सूबे में त्वरित सुनवाई के लिए 125 फास्ट ट्रैक कोर्ट खुलेंगे। 100 कोर्ट में महिलाओं तथा 25 कोर्ट में एससी-एसटी मामलों की सुनवाई होगी। सरकार ने जूनियर अधिवक्ताओं को तीन साल तक तीन हजार मानदेय देने को भी मंजूरी दे दी है।

यह जानकारी प्रदेश सरकार के विधि, न्याय, राजनैतिक पेंशन एवं वैकल्पिक ऊर्जा मंत्री बृजेश पाठक ने दी। सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन में आयोजित अभिनंदन एवं स्वागत समारोह में मंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं की बहुत सी मांगों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है। अधिवक्ता विपरीत परिस्थितियों में रहकर पीड़ितों को न्याय दिलाता है। देश और समाज पर जब भी कोई दिक्कत आई तो अधिवक्ताओं ने निशुल्क लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतें से लोगों को काफी राहत पहुंची है। मुख्यमंत्री ने इसका विस्तार करते हुए सूबे के 47 और जिलों में स्थायी लोक अदालतें खोलने का फैसला किया है। इसके अलावा 500 फैमिली कोर्ट और 1100 राजस्व अदालतें भी खोली जाएंगी। इसके पूर्व मंत्री ने कार्यालय कक्ष का लोकार्पण और परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होेंने परिसर में बहुमंजिली अधिवक्ता कक्ष बनाने की मांग को जल्द पूरा कराने का भरोसा दिया।
विज्ञापन


कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश उमेश कुमार, राज्यसभा सदस्य शिवप्रताप शुक्ल, विधायक शीतल पांडेय, विधायक अमन मणि त्रिपाठी, केपी सिंह, बृज विहारी लाल श्रीवास्तव, वीरेंद्र शाही ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिमन्यु पांडेय और संचालन मंत्री प्रियानंद सिंह ने किया। संतोष कुमार यादव एडवोकेट ने मंत्री को सरस्वती प्रतिमा और शाल भेंट की। इस दौरान सुरेश शुक्ल, डॉ सुभाष शुक्ल, अरविंद राम त्रिपाठी, धर्मेंद्र मिश्र, दिनेश चंद्र चौधरी, जितेंद्र राय, सरोज रंजन शुक्ल, परमेश राम त्रिपाठी, संतोष यादव, धीरेंद्र द्विवेदी आदि मौजूद थे।

अधिवक्ता कल्याण निधि से अनुदान की उम्र 70 साल
गोरखपुर। मंत्री ने बताया कि अब अगर 70 साल की उम्र तक किसी अधिवक्ता का देहांत हो जाता है तो उसके घरवालों को अधिवक्ता कल्याण निधि से पांच लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। सरकार ने अधिवक्ताओं की लंबे समय से चल रही इस मांग को मंजूर कर लिया है। पहले उम्र की सीमा 60 साल थी।
विज्ञापन


सम्मानित हुए अधिवक्ता
गोरखपुर। मंत्री ने वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाश पति त्रिपाठी, प्यारे मोहन सरकार, मुरली मनोहर सिंह, केशरीचंद, केपी सिंह, राम कृपाल सिंह, राधेश्याम पांडेय, सुरेंद्र बहादुर सिंह, राधेश्याम पांडेय, बच्चन प्रसाद गुप्ता को माला पहनाकर और साल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें