विश्वविद्यालय की छात्राओं को एक और छात्रावास की सौगात
शासन की ओर से प्रस्ताव को मंजूरी, विकास समिति की बैठक में कुलपति ने दी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति एवं जनजाति की छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। उनके लिए महिला छात्रावास बनाने का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। नए छात्रावास में सिर्फ विश्वविद्यालय की छात्राएं ही रहेंगी। शीघ्र ही भूमि चिन्हित कर विश्वविद्यालय निर्माण करने वाले एजेंसी को सूचना देगी। विश्वविद्यालय की विकास समिति की बैठक में कुलपति ने यह जानकारी सदस्यों को दी।
शासन की ओर से महिला छात्रावास निर्माण के लिए विश्वविद्यालय को प्रस्ताव भेजा गया था। प्रस्ताव में समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुसूचित जाति जनजाति की छात्राओं के लिए नया छात्रावास बनाने को विश्वविद्यालय से भूमि उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। विश्वविद्यालय कार्य परिषद ने इस संबंध में निर्णय लिया था कि भूमि तो उपलब्ध करा दी जाएगी बशर्ते यह छात्रावास सिर्फ विश्वविद्यालय की छात्राओं के लिए ही रहेगा। कुलपति ने बताया कि शासन ने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और पिछले सप्ताह इस आशय का स्वीकृति पत्र विश्वविद्यालय को भेजा है। बुधवार को विकास समिति ने इस नए छात्रावास के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी। बता दें कि विश्वविद्यालय में अभी दो महिला छात्रावास रानी लक्ष्मी बाई और अलकनंदा छात्रावास हैं।
क्षतिग्रस्त चहारदीवारी के निर्माण को हरी झंडी
गोरखपुर। विश्वविद्यालय विकास समिति ने बुधवार को रूसा के अनुदान से होने वाले विकास कार्यों को अपनी मंजूरी दे दी। इसके अलावा विश्वविद्यालय परिसर के क्षतिग्रस्त चहारदीवारी की मरम्मत और निर्माण के लिए भी समिति ने हरी झंडी दे दी है। निर्माण कार्यों में नए ठेकेदारों के पंजीकरण पर रोक संबंधित निर्णय का विकास समिति ने यथावत रखा है। बैठक में वित्त अधिकारी वीरेंद्र चौबे, कुलसचिव सुरेश चंद्र शर्मा सहित अभियंत्रण विभाग के प्रभारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे