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सीएम को इस्तीफा देने पहुंचा प्रशिक्षु दरोगा, पत्र वायरल

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सीएम को इस्तीफा देने पहुंचा प्रशिक्षु दरोगा, पत्र वायरल
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- नहीं कर पाए मुलाकात, पांच दिन की छुट्टी पर भेजा गया
- प्रशिक्षु दरोगा रघुनंदन पर छात्र के अपहरण और फिरौती का है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अपहरण और फिरौती के आरोपों से घिरे शाहपुर थाने के प्रशिक्षु दरोगा रघुनंदन त्रिपाठी गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस्तीफा सौंपने पहुंच गए। उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री से नहीं हो सकी। इसकी जानकारी पुलिस महकमे के अफसरों को हुई तो वे रघुनंदन को समझाने में लग गए। फिलहाल प्रशिक्षु दरोगा को पांच दिन की छुट्टी पर भेज दिया गया है।
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उरुवा थाने में तैनाती के दौरान रघुनंदन पर अपहरण और दो लाख रुपये की फिरौती मंगाने का आरोप लगा था। इस मामले में वह जेल भी गए थे। उनके साथ ही दरोगा अभिजीत कुमार सिंह को भी आरोपी बनाया गया था। गुरुवार को रघुनंदन की तरफ से लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर डाला गया। इसमें कहा गया कि एक साल के प्रशिक्षण के दौरान वह विभाग से सामंजस्य नहीं बैठा पा रहे हैं। थाने पर मामले कैसे मैनेज हो जाते हैं, यह नहीं समझ पा रहे हैं। इस वजह से उन्हें पुलिस में रहने का कोई अधिकार नहीं है। पत्र में दरोगा ने अपनी ईमानदारी और पब्लिक की मदद के लिए एक माह का वेतन देने का जिक्र भी किया है। रघुनंदन ने शाहपुर की जनता, एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ गोरखनाथ की भी तारीफ की है। कुछ साथियों ने बताया कि रघुनंदन मुख्यमंत्री को इस्तीफा तो नहीं सौंप पाए मगर उनका पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वे एक दरोगा से परेशान हैं। इस संबंध में सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह का कहना है कि दरोगा को पहले ही छुट्टी दी थी। वह मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने नहीं गए थे। बस, पत्र वायरल करके सनसनी फैलाने की कोशिश की गई है। जो पत्र वायरल किया गया, उसमें इस्तीफे का जिक्र भी नहीं है।
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