गोरखपुर। विभाग के निजीकरण किए जाने से नाराज बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन विस्तार लेते जा रहा है। बृहस्पतिवार को विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के सदस्यों ने घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से समर्थन मांगा। इस दौरान लोगों ने पर्चे बांटकर निजीकरण के नुकसान के बारे में बताया।
लगातार नौ दिनों से बिजली कर्मियों का कार्य बहिष्कार जारी है। इससे विभाग को लगभग साढ़े दस करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के सचिव बृजेश त्रिपाठी ने बताया कि समिति के सदस्यों पे शहर के गोलघर, मोहद्दीपुर, सुरजकुंज, नंदानगर, राप्तीनगर हिस्सों में उपभोक्ताओं से जनसंपर्क किया। इस दौरान उपभोक्ताओं को निजीकरण के सात घाटों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही संदेश दिया कि अभी सरकारी कर्मचारी उपभोक्ताओं के हित को देखते हुए फैसले लेते हैं। निजीकरण होने पर कंपनी केवल अपना लाभ देखेगी। कंपनी यहां सेवाभाव से नहीं बल्कि व्यापार करने आएगी। इस दौरान नीति मिश्रा, कुलदीप श्रीवास्तव, राहुल श्रीवास्तव, एके सिंह, एके श्रीवास्तव, घनश्याम मिश्र, अजय कुमार, राम इकबाल सिंह, जेपी यादव, दीपक गुप्ता, शशि कपूर आदि मौजूद रहे।
रात में हुई कटौती तो अंधेरे में कटेगी रात
समिति के सदस्य कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक फाल्ट होने पर कर्मचारी मौके पर पहुंच मरम्मत कर सकते हैं। हड़ताल में होने की वजह से कुछ देर हो सकती है। शाम पांच बजे के सुबह 10 बजे तक फाल्ट होने पर उसे ठीक सुधार कार्य हीं किया जाएगा। रात में कटौती होने पर अगले दिन सुबह ही फाल्ट सही हो पाएगा।