जल्द ही रामगढ़ ताल में शहर का गंदा पानी गिरना पूरी तरह से बंद हो जाएगा। इसके लिए जल निगम की ओर से तैयार करीब 174 करोड़ की दो परियोजनाओं का सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को शिलान्यास किया। परियोजना के अंतर्गत महादेव झारखंडी क्षेत्र के पांच वार्डों के करीब 13 हजार घरों के लिए 136 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जाएगी।
रामगढ़ ताल में शहर का गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाए गए हैं, लेकिन एयरफोर्स से इंजीनियरिंग कॉलेज होते हुए महादेव झारखंडी तक के इलाकों के घरों का गंदा पानी अब भी रामगढ़ ताल में गिरता है। इसके लिए जल निगम ने 174.09 करोड़ की दो अलग-अलग परियोजनाएं तैयार की हैं। इसके तहत महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर एक, महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो, इंजीनियरिंग कॉलेज, झरना टोला और गिरधरगंज वार्डों के घरों से निकलने वाला गंदा पानी 15 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) वाले एसटीपी तक ले जाया जाएगा।
योजना एक नजर में
परियोजना की कुल लागत- 174.08 करोड़ -(अपर जोन- 72.27 करोड़, लोअर जोन- 101.81 करोड़)
घरों की कुल संख्या- 13360 (अपर जोन- 9180, लोअर जोन- 4180)
सीवर लाइन की लंबाई- 136.04 किलोमीटर (अपर जोन- 55.57 किलोमीटर, लोअर जोन- 80.27 किलोमीटर)
15 एमएलडी क्षमता वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से इसे जोड़ा जाएगा।