मतदान के लिए लाइन में खड़े वोटर।
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मुख्यमंत्री का निवास स्थान होने से पुराना गोरखपुर वार्ड वीआईपी इलाका है। बेतियाहाता सिविल लाइंस एक और दो वार्ड भी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां ज्यादातर प्रशासनिक अधिकारियों का निवास है। ये वार्ड शहर के पॉश इलाकों में भी गिने जाते हैं, लेकिन मतदान के लिहाज से इन वार्डों के लोग थर्ड डिवीजन ही पास हो सके। पिछली बार के मुकाबले इस बार मतदान का प्रतिशत भी काफी कम रहा।
मुख्यमंत्री के वार्ड पुराना गोरखपुर में भी इस बार वोटरों ने मतदान में कोई खास रुचि नहीं दिखाई। इस वार्ड में 14006 मतदाता हैं, लेकिन इनमें से मात्र 4277 लोगों ने ही मतदान किया। प्रतिशत के लिहाज से यह मात्र 33 ही रहा। बेतियाहाता वार्ड में तो इस बार मात्र 28.42 प्रतिशत ही वोटिंग हुई। यहां के 13609 मतदाताओं में से मात्र 3869 लोगों ने वोट डाले, जबकि नगर निगम के पिछले चुनाव में इस वार्ड में 43 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। सिविल लाइंस नंबर एक में मात्र 36.16 प्रतिशत वोट पड़े। यहां 61 सौ मतदाताओं में से मात्र 2206 ने ही मतदान किया।