गोरखपुर।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के 18 हजार छात्र-छात्राओं, शिक्षक और कर्मचारियों को एक जीबी डाटा की फ्री इंटरनेट सर्विस मिलेगी। इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन और नेट सर्विस की जियो कंपनी से शुक्रवार को करार हो गया। 24 नवंबर से पहले यूनिवर्सिटी कैंपस, प्रशासनिक भवन, छह गर्ल्स और ब्वायज हास्ॅटल को वाई-फाई कर दिया जाएगा। फ्री डाटा इस्तेमाल की अवधि एक महीने की होगी।
विद्यार्थियों को ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराने के लिहाज से यूनिवर्सिटी कैंपस को वाई-फाई करने का फैसला किया गया। इसके साथ ही जियो कंपनी और यूनिवर्सिटी के बीच पांच साल का करार हुआ। इसके मुताबिक कैंपस में 10 एमबीपीएस स्पीड की इंटरनेट सेवा दी जाएगी। एक जीबी डाटा फ्री होगा। यदि समय से पहले डाटा का इस्तेमाल हो गया तो छात्रों को 51 रुपये में रिचार्ज की सुविधा दी गई है। इस धनराशि में भी एक जीबी डाटा इस्तेमाल की छूट रहेगी। रजिस्ट्रार शत्रोहन वैश्य ने बताया कि करार के तहत कंपनी को 15 स्क्वायर फिट जमीन उपलब्ध करानी है। इस क्षेत्र में बीटीएस टॉवर लगाया जाएगा, जिसकी ऊंचाई 30 मीटर की होगी। इससे इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहतरीन रहेगी। पांच भवनों के अलग-अलग फ्लोर पर राउटर भी लगाए जाएंगे ताकि बेहतरीन स्पीड के साथ इंटरनेट सेवा ली जा सके।
बंद रहेगा यू-ट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सएप
फ्री इंटरनेट सर्विस का गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए कंपनी ने यू-ट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सएप को बंद करने का सुझाव दिया है। कंपनी का कहना है कियदि स्टडी मैटेरियल डाउनलोड किया गया तो एक जीबी डाटा में विद्यार्थियों का काम चल जाएगा। इस सुझाव पर अंतिम फैसला यूनिवर्सिटी प्रशासन को लेना है।
मोबाइल फोन के आईपी से रजिस्ट्रेशन
नि:शुल्क वाई-फाई की सुविधा मोबाइल फोन के आईपी से कनेक्ट की जाएगी। जब छात्र-छात्रा, शिक्षक या फिर कर्मचारी यूनिवर्सिटी कैंपस में होंगे, तब इंटरनेट कनेक्टिविटी मिल जाएगी। पूरा सिस्टर मोबाइल फोन के आईपी से रजिस्टर्ड होगा।
और कॉलेजों में भी वाई-फाई
एमपी पीजी कॉलेज जंगल धूषण, आईटीएम, बीआईटी, केआपीएम और पूर्वांचल आर्किटेक्चर एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट को भी नि:शुल्क वाई-फाई की सुविधा दी गई है। कंपनी का मकसद ऑनलाइन स्टडी को बढ़ावा देना और स्टडी मैटेरियल उपलब्ध कराना है।