संतकबीरनगर। महुली कस्बे के कुर्मियान पुरवे के पास सोमवार शाम वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के संचालक ने रकम हड़पने के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। सख्ती के पूछताछ में संचालक ने पुलिस को सच बता दिया। उसकी निशानदेही पर दुकान में छिपाकर रखे 1.95 लाख रुपये बरामद कर लिए गए। इसके साथ ही दुकान से छह देशों की करेंसी भी बरामद हुई। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 35,780 रुपये है।
एएसपी असित श्रीवास्तव ने बताया कि महुली के लखनोहर गांव निवासी राशिद अंसारी पुत्र सोएब अली ने सोमवार शाम लूट की सूचना दी थी। जब घटना के संबंध में पीड़ित राशिद से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि नाथनगर में वह वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर की एजेंसी संचालित करता है। इसके द्वारा विदेशों से आई लोगों की रकम को उनके खाते में ट्रांसफर करता है। सोमवार शाम को वह इकलाख को1.95 लाख बाइक से देने महुली जा रहा था। शाम साढ़े पांच बजे के करीब जब वह कुर्मियान टोला के पास पहुंचा, तभी एक अज्ञात बाइक सवार बदमाश ने उसकी बाइक को धक्का देकर धान के खेत में उसे गिरा दिया और उसके पॉकेट में रखी रकम और मोबाइल को लूट लिया। राशिद की इस कहानी में वारदात करने की परिस्थितियों से पुलिस को कुछ संदेह लगा। सख्ती से पूछताछ में राशिद ने सच बता दिया। उसने बताया कि वह रकम इकलाख को न देनी पड़े इस कारण उसने लूट की कहानी गढ़ी। इसके उसकी दुकान की तलाशी में पुलिस के 1.95 लाख रुपये बरामद हो गए। साथ तलाशी में यूएई, कतर, बैंकाक, यूएस, ओमान समेत छह देशों की करेंसी बरामद हुई। विदेशी मुद्रा रखने के संबंध में वह कागजात नहीं दिखा पाया। ऐसे लूट के केस को खारिज करते हुए राशिद के खिलाफ गबन, जालसाजी और पुलिस को झूठी सूचना देने के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि विदेशी मुद्रा बरामद होने के संबंध में उच्चाधिकारियों को भी सूचना दे दी गई है। जिससे इस संबंध में विभिन्न जांच एजेंसियां जांच पड़ताल कर आगे की कार्रवाई कर सकें।
विदेश से अकबर संचालित करता है मनी ट्रांसफर का कारोबार
संतकबीरनगर। वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर एजेंसी के संचालक राशिद अंसारी की दुकान से छह देशों की करेंसी मिलने के बाद पुलिस के साथ ही खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। अब तक की जांच में पता चला है कि विदेश में रहकर अकबर और उसके साथी राशिद का सहयोग करते हैं। ऐसे में इन लोगों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। अब इंटेलीजेंस और एलआईयू की टीमें भी जांच में जुट गईं हैं। वहीं ईडी और फेमा को भी एसपी की ओर से रिपोर्ट भेजी जाएगी। लूट की झूठी कहानी गढ़कर पुलिस की गिरफ्त में आए लखनोहर निवासी वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर एजेंसी के संचालक राशिद अंसारी ने पूछताछ में कई अहम बातें बताईं हैं। इसके अनुसार, विदेशों से खाते में आने वाली रकम को वह इकलाख पुत्र अब्दुल खैर निवासी गालिमपुर को ट्रांसफर कर देता है। वहीं इकलाख ने बताया कि वह महुली में जन सेवा केंद्र चलाता है। लखनऊ के अमीनाबाद निवासी उसका रिश्ते का भतीजा आसिम पढ़ाई के साथ ही विदेश में रहने वाले अकबर के संपर्क में है। अकबर भतीजे के माध्यम से चिकन के कपड़ों को एक्सपोर्ट करने का काम लखनऊ से करता है, जबकि रकम अकबर के माध्यम से उसके (इखलाख) खाते में भेजी जाती है। वह चार माह से यह काम कर रहा है। रकम विदेशों से खाते में आ जाने के बाद वह आसिम के बताए खातों में ट्रांसफर कर देता है। इसके बदले 8000 रुपये प्रतिमाह पारिश्रमिक मिलता है। अब तक 14 से 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर चुका है। वहीं एएसपी असित श्रीवास्तव ने बताया कि इकलाख कम पढ़ा लिखा है। जिसकी वजह से आसिम और उसके साथियों व अकबर के क्रिया कलापों के बारे में विशेष जानकारी नहीं दे पा रहा है। जांच में प्रथम दृष्टया यही प्रतीत हो रहा है कि अवैध ढंग से धन स्थानांतरण किया जा रहा है। विदेशी मुद्रा बरामद होना भी गंभीर विषय है। इस मामले की जांच एलआईयू और आईबी को भेज दी है। वैसे स्पेशल इंटेलीजेंस की टीम ने भी आरोपी राशिद से पूछताछ की है।