गोरखपुर। रेलवे में जुलाई से पहले के अनुबंध पर भी जीएसटी लागू किए जाने और लंबित बिलों का भुगतान न होने के विरोध में महाप्रबंधक कार्यालय के सामने धरना देने गए ठेकेदारों को आरपीएफ ने रोक दिया। इससे नाराज ठेकेदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। करीब आधे घंटे बाद पहुंचे उप महाप्रबंधक (सामान्य) ने ज्ञापन लेेकर सहानुभूतिपूर्र्वक निर्णय लेने का भरोसा देकर उन्हें शांत कराया।
इंडियन रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाईडर्स एसोसिएशन के बैनर तले नारेबाजी करते हुए जीएम दफ्तर के सामने पहुंचे ठेकेदारों को आरपीएफ के जवानों ने अनुमति न होने का हवाला देकर रोक दिया। ठेकेदारों का कहना था कि हमें धरने की अनुमति दें या गिरफ्तार करें। बाद में तीन सदस्यों को बातचीत के लिए जाने की अनुमति दी गई, लेकिन ठेकेदार सक्षम अधिकारी को मौके पर बुलाने की जिद पर अडे़ रहे। करीब आधे घंटे बाद आरपीएफ की मौजूदगी में उपमहाप्रबंधक सामान्य ने आकर उनसे वार्ता की।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने बताया कि 30 जून के पहले के ठेकों में यूपी में 4 प्रतिशत वैट था और सेवा कर में छूट थी। एक जुलाई से कांट्रैक्ट वर्क में जीएसटी की दर 18 प्रतिशत कर दी गई है। पांच अगस्त को काउंसिलिंग की बैठक में जीएसटी की नई दर व पुरानी दोनों के करार में 12 प्रतिशत कर दी गई है। अभी तक रेलवे की ओर से इस दिशा में दिशा निर्देश नहीं जारी किया गया। इसके चलते रेलवे में ठेकेदारों ने काम बंद कर दिया है। इस दौरान मुख्यालय शाखा अध्यक्ष सुभाष सिंह, उपाध्यक्ष शशांक शेखर त्रिपाठी, रवि प्रकाश मिश्र, शैलेंद्र कुमार तिवारी, आनंद प्रकाश सिंह, गौतम चटर्जी, महेंद्र प्रताप सिंह, अजय सिंह, ओंकार नाथ सिंह, रत्नेश सिंह, संजय सिंह आदि मौजूद थे।