गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज के एक चिकित्सक को भी स्वाइन फ्लू ने जकड़ लिया है। उनके बीमारी से पीड़ित होने की चर्चा बुधवार को सीएम की समीक्षा बैठक में भी उठी। उस वक्त सीएम गोरखपुर में स्वाइन फ्लू के उपचार और बचाव पर ही बात कर रहे थे।
बीमारी की चपेट में आए चिकित्सक बीआरडी मेडिकल कॉलेज में विभागाध्यक्ष हैं। ऐसे में उनके संक्रमित होने से हड़कंप मच गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब शहर में स्वाइन फ्लू, डेंगू, इंसेफेलाइटिस के उपचार और बचाव पर चर्चा कर रहे थे तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उनसे यह जानकारी साझा की। इससे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के भी कान खड़े हो गए हैं। एडी हेल्थ डॉ. पुष्कर आनंद ने बताया कि डॉक्टर के आसपास के लोगों को बीमारी से बचाने के लिए टेमी फ्लू दवा दी जाएगी। साथ ही जिला अस्पताल में भी स्वास्थ्य कर्मियों का भी वैक्सीनेशन कराया जाएगा।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
0 भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें
0 कोशिश करें कि अनजान लोगों से हाथ न मिलाएं
0 घर में सफाई का खास ध्यान रखें
0 जुकाम होने पर नाक मुंह ढक कर रखें
0 नाक पोंछने के लिए टीशू पेपर का इस्तेमाल करें
0 गंदा टीशू पेपर यहां-वहां फेंकने के बजाए डस्टबीन में डालें
0 खाना खाने से पहले हाथ साबुन या सैनेटाइजर से धोएं
0 पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद अपनी आंख, मुंह, नाक साफ करें
शुरुआती लक्षण
0 नाक का लगातार बहना, छींक आना, नाक जाम होना
0 मांसपेशियों में दर्द या जकड़न महसूस करना
0 सिर में भयानक दर्द
0 लगातार खांसी आना
0 ज्यादा थकान महसूस होना
0 बुखार होना, दवा खाने के बाद भी बुखार का लगातार बढ़ना
0 गले में खराश होना और इसका लगातार बढ़ते जाना
नॉर्मल फ्लू से कैसे अलग
सामान्य फ्लू और स्वाइन फ्लू के वायरस में एक फर्क होता है। स्वाइन फ्लू में जुकाम बहुत तेज होता है, नाक ज्यादा बहती है।
ये रहें सावधान
पांच साल से कम उम्र के बच्चे, 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग को निम्न में से कोई बीमारी हो तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
0 फेफड़ों, किडनी या दिल की बीमारी
0 मस्तिष्क संबंधी
0 कमजोर प्रतिरोधक क्षमता
0 मधुमेह रोगी
0 ऐसे लोग जिन्हें पिछले तीन साल में कभी अस्थमा की शिकायत हो
0 गर्भवती महिलाओं का प्रतिरोधक तंत्र शरीर में बदलावों के कारण कमजोर होता है। खासतौर पर गर्भावस्था के तीन से 40 सप्ताह की गर्भवती को ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है