महराजगंज। बीत कई दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन, बांध के किनारे बसे लोगों को की चिंता बढ़ गई है। पहाड़ों पर हुई बारिश के चलते गंडक, रोहिन, महाव, चंदन, झरही और प्यास के जल स्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। महाव में बढ़े जल स्तर को लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी की जा रही है। नेपाल बांध ए गैप बी गैप और छोटी गंडक के आसपास बसे गांव के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। सिंचाई विभाग की नजर में अभी हालात सामान्य है।
परसामलिक व बरगदवा प्रतिनिधि के अनुसार पहाड़ों पर हुई बारिश से रविवार की सुबह महाव का जलस्तर अचानक बढ़ जाने से बरगदवा व परसामलिक थाना क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर प्रशासन ने रविवार की देर शाम बाढ़ बचाव राहत के लिए गोरखपुर की 26वीं बटालियन पीएसी के जवान ने क्षेत्र के पड़ियाताल मंदिर के पास डेरा डाल दिया है। महाव का जलस्तर रविवार की सुबह अचानक बढ़ जाने से तटबंन्ध के समीप बसे गांव कोहरगड्डी, दोगहरा, खैरहवा, कनरी, चकरार, देवघट्टी आदि दर्जनों गांव के किसान भयभीत हो गए। बढ़े जलस्तर का जायजा लेने पहुंचे उपजिलाधिकारी नौतनवा व थानाध्यक्ष बरगदवा ने शासन को सूचित किया। बरगदवां पुलिस महाव पर संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कर रही है। एनडीआरफ की टीम तैनात है। उपनिरीक्षक साहब सिंह यादव ने बताया की राहत सामग्री में 4 नाव, 4 स्टीमर, 25 लाइफ जैकेट, 10 लाइफ जैकेट, एक प्लाटून पीएसी दल क्षेत्र में गश्त कर रहा है।
ठूठीबारी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में नेपाल से निकाल कर बहने वाली झरही व चंदन दो प्रमुख नदियां हैं। बीती रात पहाड़ों पर तेज बारिश से इन नदियों में जल स्तर बढ़ गया। खास कर बकुलडीहा नदी टोले के ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने समय रहते नदियों की साफ-सफाई एवं जर्जर बंधे की मरम्मत नहीं कराई, जिससे समस्या हो सकती है। ग्राम प्रधान बेचू चौहान, शंकर साहनी, लक्ष्मण, पारस, कन्हैया, किशोर, मोती, महेंद्र, बबलू आदि ने बताया कि प्रशासन की लापरवाही से हर साल यहां बाढ़ आती है।