कुशीनगर। पारिवारिक जीवन की दुश्वारियों से बचने के लिए ठाकुर यादव ने विवाह नहीं किया, लेकिन इस एक छोटी सी कमी ने न केवल उनकी जान ले ली, बल्कि अंतिम संस्कार में भी दिक्कत आ गई। पोस्टमार्टम के बाद शव मोर्चरी में पड़ा है, जिसे शनिवार की देर शाम तक कोई लेने नहीं पहुंचा। पुलिस भी 12 घंटे तक इंतजार के बाद ही इसका अंतिम संस्कार कराएगी।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के मड़ार बिंदवलिया गांव के बिंदवलिया टोला निवासी ठाकुर यादव और सुदर्शन यादव सगे भाई थे। बड़े भाई ठाकुर यादव अपने मस्तमौला स्वभाव के चलते विवाह के बंधन से बचते रहे और छोटे भाई सुदर्शन यादव ने शादी कर गृहस्थी जमा ली। दोनों भाइयों के बीच करीब एक एकड़ जमीन है। लंबे समय तक ठाकुर यादव के हिस्से की जमीन भी छोटे भाई सुदर्शन यादव जोतते रहे। छोटे भाई को पूरा यकीन था कि अविवाहित बड़े भाई ठाकुर यादव अपनी संपत्ति उसे ही देंगे। इसलिए वह खेत के बदले उन्हें खर्चा-पानी देते रहते थे। परंतु 58 वर्षीय ठाकुर यादव ने कुछ दिन पहले अपने हिस्से की जमीन वापस ले ली। हाथ से संपत्ति जाती देख सुदर्शन व ठाकुर के बीच का प्रेम गायब हो गया। परिवार विहीन ठाकुर यादव के इस व्यवहार से सुदर्शन आग बबूला हो गए और शुक्रवार को पीट पीटकर भाई को मौत के घाट उतार दिया। भाई के अलावा कोई दूसरा सगा-संबंधी नहीं होने की वजह से न तो कोई रोकने आया और न ही मौत के बाद कोई पूछने गया। पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार की शाम को शव का पोस्टमार्टम हो गया, लेकिन कोई रिश्तेदार उसे लेने नहीं गया। गांव के लोग ठाकुर यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होने को तो तैयार थे, लेकिन उन्हें भी इस बात का इंतजार था कि कोई शव लेकर गांव आए। परंतु अपनों के अभाव में शव अब भी मोर्चरी में पड़ा है।
इस संबंध में नेबुआ नौरंगिया एसओ अनिल कुमार दूबे का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने के लिए परिवार एवं अन्य सगे संबंधियों का 12 घंटे तक इंतजार किया जाता है। अगर कोई लेने नहीं पहुंचा तो इसके बाद पुलिस उसका अंतिम संस्कार कराती है। अगर रविवार को कोई शव लेने नहीं पहुंचा तो पुलिस अंतिम संस्कार कराएगी।