गोरखपुर। यूपी बोर्ड की बारहवीं के परीक्षार्थियों को दूसरे विषय का पेपर बांटने के मामले में कक्ष निरीक्षकों की लापरवाही सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई जांच में पता चला है कि कक्ष निरीक्षकों ने गलती से हिंदी की जगह सामान्य हिंदी का पेपर बांट दिया था। वहीं जिन्हें सामान्य हिंदी का पेपर देना था, उन्हें हिंदी का पेपर दे दिया गया था। पेपर मिलने के बाद किसी विद्यार्थी ने विरोध नहीं किया था। बल्कि वे जवाब लिखने में जुटे रहे। पेपर खत्म होने के बाद उन्हें इस चूक का अंदाजा हुआ।
डीआईओएस ने शुक्रवार को आरोपी मोतीलाल इंटर कॉलेज दुघरा और आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज लहसड़ी के केंद्रों से मिले सीसीटीवी फुटेज की जांच की। विद्यार्थियों की कक्ष निरीक्षक से शिकायत करने पर डांटने की बात की पुष्टि फुटेज में नहीं हुई है। बोर्ड परीक्षा में मंगलवार को मोतीलाल इंटर कॉलेज दुघरा के कमरा नंबर 19 में गलत पेपर बांटे गए थे। वहीं ऐसा ही वाकया आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज पर भी हुआ था। उसके बाद से विभाग ने आनन-फानन में दोनों केंद्रों के व्यवस्थापकों को बदलने के साथ ही तीन कक्ष निरीक्षकों को बदल दिया है। वहीं दोनों केंद्र व्यवस्थापकों को काली सूची में शामिल करने की तैयारी की जा रही है।
माध्यमिक शिक्षा सचिव को भेजी रिपोर्ट
विभाग ने पूरी मामले की गहनता से जांच कर रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा सचिव को भेज दिया है। वहां से निर्देश मिलने के बाद ही कक्ष निरीक्षकों, केंद्र व्यवस्थापकों के साथ विद्यार्थियों के बारे में फैसला होगा। सूत्रों की मानें तो जिम्मेदारों पर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की जा सकती है।
कक्ष निरीक्षकों और केंद्र व्यवस्थापकों की संलिप्ता की भी जांच हुई है। रिपोर्ट तैयार कर माध्यमिक शिक्षा सचिव को भेज दी गई है। विद्यार्थियों का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
- ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, डीआईओएस