गोरखपुर। गोरक्ष नगरी में देश का सबसे अनोखा चिड़ियाघर बनाया जाएगा। इसके निर्माण में जहां कई बारीकियों का ध्यान रखा जा रहा है वहीं ऐसी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं जो जानवरों के रखरखाव में मददगार साबित होंगी। इस चिड़ियाघर में जहां शांत स्वभाव के जानवर और पक्षी रखे जाएंगे वहीं बब्बर शेर और चीते की दहाड़ भी सुनी जा सकेगी। इन जानवरों को यहां लाने के लिए जिला प्रशासन और वन विभाग ने शासन के पास प्रस्ताव भेज दिया है। पांच करोड़ रुपये खर्च कर यहां के चिड़ियाघर में दो सौ जानवरों को लाने की योजना है।
चिड़ियाघर में कानपुर और लखनऊ से विभिन्न प्रजातियों के 72 जानवर मंगाए जाएंगे। इसके अलावा दिल्ली स्थित नेशनल जियोलॉजिकल पार्क गोरखपुर में बन रहे शहीद अशफ ाक उल्लाह खान जियोलॉजिकल पार्क को विभिन्न प्रजातियों के 19 जानवर तोहफे में देगा। शुरुआत में एक जोड़ी बब्बर शेर और रायल बंगाल टाइगर लखनऊ चिड़ियाघर से मंगाया जाएगा।
अगर चिड़ियाघर में माहौल इनके अनुकूल रहा तो आगे चलकर इनकी संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। इनके लिए बाड़ों का निर्माण रामगढ़ताल के पास बने लेक व्यू प्वाइंट से सटी बाउंड्री के पास कराया जा रहा है। जानकार बताते हैं कि बब्बर शेर की दहाड़ लगभग चार किलोमीटर दूर से भी सुनी जा सकती है।
दरियाई घोड़े भी आएंगे
चिड़ियाघर में लगभग तीन एकड़ में कृत्रिम तालाब बनाया जाएगा। इतने ही क्षेत्रफल का लगभग दो ताल भी बनाया जाएगा। इनमें दो दरियाई घोड़े रखे जाएंगे। दूसरे ताल में 20 घड़ियाल रखे जाएंगे।
विदेश से आएंगे जानवर
गोरखपुर के चिड़ियाघर में विदेश से भी विशेष जानवर मंगाए जाएंगे। सफेद और काली धारियों वाले दो जेब्रा अफ्रीका से आएंगे मंगाए जाएंगे। साइबेरिया से छह रोजी पेलिकन पक्षी भी मंगाए जाएंगे। यूपी के किसी भी चिड़ियाघर में ये रोजी पेलिकन पक्षी नहीं हैं। गुजरात के कच्छ में ठंड के समय इनकी आमद जरूर दिखती है।
पंद्रह सौ किलो की लगेगी बुद्ध प्रतिमा
चिड़ियाघर के मुख्य द्वार पर कांसे की बुद्ध की 15 सौ किलोग्राम वजनी प्रतिमा लगाई जाएगी। इसकी ऊंचाई लगभग चार फीट होगी।
चिड़ियाघर की शोभा होंगे ये जानवर
तेंदुआ, लकड़बग्घा, काला भालू, दलदल हिरण, जंगली बिल्ली, भेड़िया, सियार, सेही (चीते की तरह दिखने वाला जानवर), बोनेट मकाक, लाल जंगलफाउल, सुनहरा तीतर, तीतर, अजगर, रसेल सांप, कोबरा, रेत बोआ आदि।