धरना देने लखनऊ गए सचिव, सूने पड़े क्रय केंद्र
केंद्रों से लौटे किसानों ने बिचौलियों को बेचे धान
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। पहली नवंबर से धान खरीद शुरू होनी थी लेकिन साधन सहकारी समिति के सचिवों की लखनऊ में धरने के कारण बृहस्पतिवार को केंद्रों पर धान खरीद नहीं शुरू हो सकी। इसके चलते केंद्रों पर धान की बिक्री पहुंचे कुछ किसान अनाज लेकर लौट गए तो कुछ को अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए धान बिचौलियों के बेचने के लिए विवश होना पड़ा। केंद्र पर धान खरीद की लचर व्यवस्था के प्रति किसानों में नाराजगी है। उधर, एआर कोआपरेटिव सूर्यनारायण मिश्र ने सचिवों की मांगों के प्रति सहानुभूति जताई। साथ ही यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप क्रय केंद्रों को खोले जाने के निर्देश दिए गए हैं। शुक्रवार से अगर कोई क्रय केंद्र बंद मिला तो संबंधित प्रभारी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
बृहस्पतिवार को साधन सहकारी समिति लिमिटेड पनियरा क्रय केंद्र सूना पड़ा रहा। यहां कुछ किसान पता करने पहुंचे थे कि धान खरीद कब और कैसे होगी। केंद्र पर कोई नहीं मिला तो से किसान मायूस हो गए। किसान रामलखन, सुरेमन प्रसाद ने बताया कि धान खरीद शुरू न होने के कारण केंद्र पर बिक्री नहीं कर पाए। सचिव हड़ताल पर हैं, इस वजह से केंद्र बंद पड़ा है। सरकारी दावों और हकीकत में बहुत अंतर है। खाद्य विभाग द्वारा संचालित विपणन शाखा का पनियरा स्थित क्रय केंद्र पनियरा खुला रहा। यहां एसएमआई उमेश कुमार व्यवस्था दुरुस्त करने में जुट रहे। उन्होंने बताया कि कुछ किसान आए थे और पूछताछ कर चले गए। अगर कोई किसान धान लेकर केंद्र पर आएगा तो प्राथमिकता के साथ उसकी धान की तौल होगी। साधन सहकारी समिति चिउरहां के सचिव शिवमंगल प्रसाद धरने में शामिल होने लखनऊ गए थे। केंद्र पर तैनात लिपिक योगेंद्र ने बताया कि लखिमा थरूआ गांव के किसान रामअधीन शुक्ला केंद्र पर धान खरीद के बारे में जानकारी लेने आए थे। केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी भंडार लिमिटेड के सचिव इंद्रजीत यादव केंद्र पर मौजूद रहे। यहां भी कोई किसान नहीं पहुंचा। जिले में साधन सहकारी समिति पर बने क्रय केंद्र बंद रहे।
बसडिला गांव पारस यादव ने बताया कि खेत की जुताई, खाद बीज के जरूरत थी, तो प्राइवेट में 1300 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर उन्हें धान बेचना पड़ा। सरकारी क्रय केंद्र खुला रहता तो वहां धान बेचने पर ज्यादा रकम मिलता। विवश होकर प्राइवेट में बेचना पड़ा।
बैजुडेहरा गांव के पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि खाद खरीदने के लिए रकम नहीं है। धान घर में पड़ा है। सोचे थे कि क्रय केंद्र में धान की बिक्री कर जरूरी कार्य करेंगे लेकिन क्रय केंद्र बंद होने से 1280 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दो क्विंटल धान प्राइवेट में बेचने के लिए विवश होना पड़ा।
डिप्टी आरएमओ अजित कुमार सिंह का कहना है कि सचिवों के धरने से धान खरीद पर कुछ खास असर नहीं पडे़गा। क्रय केंद्रों पर किसानों को धान बेचने में कोई असुविधा न हो, इसका ख्याल रखा जा रहा है। धान का समर्थन मूल्य 1750 रुपये प्रति क्विंलट है। हर किसान की धान प्राथमिकता के आधार पर केंद्रों पर खरीदी जाएगी।