सिद्धार्थनगर। नवजात शिशु मृत्यु दर को लेकर चलाए जा रहे बेस्ट न्यूबार्न केयर कार्यक्रम अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं को गृह आधारित देखभाल में शिथिलता की गाज जनपद के 10 स्वास्थ्य केंद्रों प्रभारियों पर गिरी है। प्रदेश में 74वें स्थान पर जनपद का नाम आने पर डीएम ने दस स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारियों का वेतन रोक दिया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा नवजात शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए समुदाय स्तर पर प्रसव उपरांत मां और नवजात की देखभाल के लिए होम बेस्ड न्यूबार्न केयर कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें आशा कार्यकर्ताओं द्वारा शिशु एवं धात्री मां के स्वास्थ्य की देखभाल 42 दिनों तक करनी है। अलग-अलग दिवसों पर भ्रमण पर कई बिंदुओं पर विशेष ख्याल रखा जाना है। इसमें लापरवाही सामने आयी है। डीएम कुणाल सिल्कू ने गंभीरता से लेते हुए 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों एवं प्रभारियों को उत्तरदायी मानते हुए अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने कीर कार्रवाई की है। इनमें इटवा, बांसी, भनवापुर, नौगढ़, लोटन, उस्का बाजार, बर्डपुर, डुमरियागंज, मिठवल, बढ़नी के प्रभारी शामिल हैं। डीएम ने सभी से एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देते हुए माह के चौथे शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वयं उपस्थित होने की हिदायत दी है।