कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने बैठक की।
गोरखपुर। राजस्व वसूली की खराब प्रगति पर डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने चार अफसरों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। इनमें वाणिज्य कर, परिवहन, आबकारी और वन विभाग के अधिकारी शामिल हैं। डीएम ने संबंधित अफसरों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत वसूली करने का निर्देश दिया है।
डीएम शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व वसूली की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिया कि वे वसूली की समीक्षा हर अमीन से करें। जिस अमीन की वसूली का प्रतिशत कम मिले, उस पर कार्रवाई करें। अगर सीजनल अमीन की प्रगति खराब मिले तो उन्हें हटा दिया जाए। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि रिकार्ड रूम में तीन साल से अधिक समय तक किसी भी कर्मचारी की तैनाती नहीं रहे, वरना संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि राजस्व वसूली और वादों का निस्तारण प्रमुखता के आधार पर किया जाए। उच्च न्यायालय में दाखिल रिट याचिकाओं का काउंटर समय से लगाया जाए।
चकबंदी मामलों की समीक्षा के दौरान डीएम ने सीआरओ को निर्देश दिया कि वह कम से कम 15 दिनों में एक बार चकबंदी के मामलों की समीक्षा कर लें। इसी तरह उन्होंने सभी एसडीएम-तहसीलदार को बाढ़ की तैयारियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही नावों के बकाये का जल्द भुगतान करने को कहा। साथ ही सभी संवेदनशील बंधों की निरंतर निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दैवी आपदा से किसी की मृत्यु होती है तो जनप्रतिनिधि के माध्यम से मृतक के आश्रितों को नियमानुसार अनुमन्य धनराशि उपलब्ध कराने के लिए कहा।