प्रदर्शन करते बालू-गिट्टी कारोबारी।
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सिद्धार्थनगर। रॉयल्टी व भंडारण की जांच के नाम पर पुलिस के उत्पीड़न से क्षुब्ध गिट्टी-बालू के विक्रेताओं ने विकास रस्तोगी व मुरारी के नेतृत्व में रविवार को सनई पेट्रोल पंप के समीप विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मनमानी का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि अगर उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो पूरे जिले के व्यापारी लामबंद होकर धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि गिट्टी-बालू का कारोबार वह वैध तरीके से तरीके से करते हैं। हर लेन-देन का ब्योरा भी रखते हैं। मगर पिछले कुछ दिनों से भंडारण की जांच के नाम पर पुलिस उनका उत्पीड़न कर रही है। तरह-तरह के कागजात मांगे जा रहे हैं। सब कुछ ठीक होने के बाद भी अमर्यादित आचरण किया जा रहा है। पिछले दिनों लोटन के बनियाडीह गांव में दुकान पर बालू उतरवा रहे एक व्यापारी से कोतवाली प्रभारी ने दुर्व्यवहार किया था। विरोध करने पर मारपीट कर थाने में ले जाकर बंद कर दिया।
जिले के अन्य क्षेत्रों में भी पुलिस दुकानदारों से ऐसा ही व्यवहार कर रही है। भंडारण और रॉयल्टी की जांच की आड़ में उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर पुलिस शीघ्र अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं लाती तो जिले के सभी व्यापारी आंदोलित होने को बाध्य होंगे। विरोध प्रदर्शन में आबिद अली, गजेंद्र जायसवाल, रूपेश वर्मा, आफताब आलम, राजेश पाठक, अजय शुक्ल, जफर अली, छोटू, विनोद सिंह, केपी जायसवाल, सुनील जायसवाल, वीरेंद्र यादव, इंद्रजीत गुप्ता आदि शामिल रहे।
वहीं एसपी डॉ.धर्मबीर सिंह का कहना है कि गिट्टी-बालू का भंडारण करने वाले विक्रेताओं को तय प्रारूप पर डीएम के समक्ष आवेदन करने को कहा गया है। सड़क की पटरी पर गिट्टी-बालू का भंडारण नियम विरुद्ध है। दुकानदारों को इसकी हिदायत दी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।